अमित शाह का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- '1937 में तुष्टिकरण के लिए वंदे मातरम के टुकड़े किए और देश के विभाजन की नींव डाली' भारत 3 घंटे पहले 2
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस पार्टी पर तुष्टिकरण का बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि देश एक बार इस राष्ट्रगीत के विभाजन का परिणाम देख चुका है और दोबारा ऐसा नहीं होने देगा।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' से जुड़े विवाद को लेकर कांग्रेस पार्टी पर तीखा प्रहार किया है। गृहमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी घोर तुष्टिकरण की राजनीति के तहत देश को बांटने वाले पुराने फैसलों को दोहरा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1937 में कांग्रेस ने केवल मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए वंदे मातरम को दो हिस्सों में बांट दिया था, जिसने आगे चलकर देश के विभाजन की नींव रखी। अमित शाह ने चेताया कि भारत की जनता एक बार वंदे मातरम के टुकड़ों में बंटने का गंभीर परिणाम देख चुकी है और अब वह दोबारा ऐसा नहीं होने देगी।

विवाद की पृष्ठभूमि और सोनिया गांधी की नाराजगी

यह पूरा विवाद स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में हुए एक घटनाक्रम के बाद और गहरा गया है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस कार्यालय में पूरा वंदे मातरम गीत बजाया गया था। इस दौरान कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी किसी बात को लेकर नाखुश नजर आई थीं। हालांकि, बाद में इस पर सफाई देते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वह दरअसल पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मंगा रही थीं, क्योंकि वह काफी देर से खड़े थे। लेकिन इस घटना के ठीक चार दिन बाद ही कांग्रेस ने कहा कि उनके नेता वंदे मातरम के केवल दो ही छंद गाएंगे।

1937 के प्रस्ताव और विभाजन पर अमित शाह का बड़ा बयान

कांग्रेस के इस फैसले पर कड़ा ऐतराज जताते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, "कल कांग्रेस पार्टी की कार्य समिति ने एक बेहद हैरान करने वाला और देश विरोधी निर्णय लिया है। उन्होंने अपनी पार्टी के वर्ष 1937 के प्रस्ताव का अनुसरण करते हुए महान वंदे मातरम गीत के केवल दो ही छंद गाने का फैसला किया है।"

उन्होंने आगे देश को इतिहास की याद दिलाते हुए कहा, "मैं इस समय पूरे देश को याद दिलाना चाहता हूं कि 1937 में कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए वंदे मातरम के दो टुकड़े कर दिए थे। इसी फैसले से 'दो राष्ट्र सिद्धांत' को ताकत मिली थी, जिसके कारण अंततः देश का विभाजन हुआ और पाकिस्तान का जन्म हुआ था।"

शहीदों और बंकिम बाबू का अपमान कर रही कांग्रेस

गृहमंत्री अमित शाह ने नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा, "आज जब वंदे मातरम गीत के प्राकट्य के 150वें साल में नरेंद्र मोदी सरकार ने इस ऐतिहासिक भूल को सुधारा है, तब कांग्रेस इसका विरोध कर रही है। मोदी सरकार ने बंकिम बाबू की इस अमर कृति का पूरा गीत गाकर राष्ट्रीय एकता को फिर से सुदृढ़ करने का प्रयास किया है। सरकार ने सभी सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम को पूर्ण रूप से गाने का फैसला लिया है और इस निर्णय को कानूनी जामा भी पहनाया गया है।"

उन्होंने आगे कहा, "इस राष्ट्रीय निर्णय की अवहेलना करने का कांग्रेस ने कल फैसला किया है। कांग्रेस का यह निर्णय केवल और केवल उनकी घोर तुष्टिकरण की नीति को सिद्ध करता है। केवल वोट बैंक की खातिर उन्होंने न सिर्फ बंकिम बाबू की इस अमर रचना का अपमान किया है, बल्कि उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों की शहादत का भी अनादर किया है, जो वंदे मातरम का नारा लगाते-लगाते देश की आजादी के लिए फांसी के फंदे पर झूल गए और जिन्होंने अपने जीवन के कई महत्वपूर्ण वर्ष जेलों में बिता दिए।"

संसद के कानून को दरकिनार कर रही कांग्रेस

अमित शाह ने इस बात पर गहरा आश्चर्य व्यक्त किया कि कांग्रेस पार्टी देश की संसद के कानून से ऊपर अपनी पार्टी के पुराने प्रस्ताव को रख रही है। उन्होंने कहा, "आज कांग्रेस पार्टी संसद के अधिनियम को पूरी तरह से नकार रही है और अपनी पार्टी के 1937 के प्रस्ताव को मान रही है। मुझे इस पर बहुत आश्चर्य होता है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी एक बार फिर इस देश में तुष्टिकरण की राजनीति को पुरजोर तरीके से आगे बढ़ाने का काम कर रही है।"

तुष्टिकरण की राजनीति के खिलाफ एकजुट होने की अपील

गृहमंत्री ने देश की जनता से कांग्रेस के इस फैसले के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा:

"मैं देश की जनता से अपील करना चाहता हूं कि इस देश ने अतीत में वंदे मातरम के दो टुकड़े होने देने की एक बड़ी भूल की थी और उस एक गलती का कितना भयंकर परिणाम हमें भुगतना पड़ा, यह हम देख चुके हैं। अब देश की जनता को एकजुट होकर कांग्रेस पार्टी के इस फैसले के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। आजाद भारत में अब तुष्टिकरण की यह राजनीति नहीं चलेगी।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि देश को आजाद हुए लगभग 80 साल होने जा रहे हैं। आजादी के इतने दशकों बाद, 1937 के जिस फैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुधारा है, उसके सामने किया जाने वाला कोई भी विरोध देश की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। अमित शाह ने संकल्प दोहराते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस के इस फैसले की कड़े शब्दों में निंदा करती है और भाजपा इस निर्णय का जनता के बीच जाकर तथा विधाई सदनों में पूरी ताकत के साथ विरोध करेगी।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप