वंदे मातरम पर कांग्रेस नेता बी.के. हरिप्रसाद का सरकार को सीधा चैलेंज, कहा- चाहे फांसी दे दो, गाएंगे सिर्फ दो लाइन राष्ट्रीय राजनीति 2 घंटे पहले 4
वंदे मातरम के गायन को लेकर छिड़े सियासी घमासान के बीच कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बी.के. हरिप्रसाद ने सरकार को चुनौती दी है। उन्होंने साफ कहा कि वे राष्ट्रगीत की केवल दो पंक्तियां ही गाएंगे, चाहे इसके लिए उन्हें जेल भेजा जाए या फांसी पर लटका दिया जाए।

वंदे मातरम पर बढ़ा सियासी टकराव

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वंदे मातरम के गायन को अनिवार्य किए जाने के बाद देश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कर्नाटक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने इस विवाद के बीच सरकार को दो टूक जवाब देते हुए कहा है कि उनकी पार्टी वंदे मातरम की सिर्फ दो पंक्तियां ही गाएगी। उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में भाजपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार चाहे तो उन्हें इस बात के लिए जेल भेज दे या फिर फांसी पर चढ़ा दे, लेकिन वे अपने रुख से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

भाजपा के आरोपों पर पलटवार

भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर राष्ट्रीय गीत का अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया है। भाजपा का दावा है कि पार्टी मुख्यालय में भले ही राष्ट्रगीत पूरा बजाया गया हो, लेकिन कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इसे लेकर असहज दिखाई दिया। इसी तरह के आरोप गोवा में भी लगे हैं, जहां कांग्रेस पर वंदे मातरम को पूरा न गाने का आरोप लगाया गया है। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए बी.के. हरिप्रसाद ने कहा कि उन्हें किसी राजनीतिक दल से देशभक्ति का प्रमाणपत्र लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।

इतिहास का हवाला देकर घेरा

हरिप्रसाद ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई के समय वंदे मातरम के साथ ही इंकलाब जिंदाबाद के नारे भी बुलंद किए जाते थे। उन्होंने सत्ता पक्ष से तीखा सवाल किया कि क्या भाजपा या संघ के लोगों ने कभी खुद ये नारे लगाए हैं? उनके अनुसार, यह विवाद अनावश्यक है और इसका उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ उठाना है। वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित कानूनों और राष्ट्रीय गीत के सम्मान को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त सियासी खींचतान चल रही है।

अन्य नेताओं का रुख

इस पूरे मामले पर कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी अपना पक्ष रखा है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस विषय पर संविधान का हवाला देते हुए कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के तहत उन्हें अपनी इबादत तय करने की आजादी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे वंदे मातरम के सम्मान में खड़े तो जरूर होंगे, लेकिन इसे गाएंगे नहीं।

मल्लिकार्जुन खरगे का बयान

विवाद के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी मोर्चा संभालते हुए भाजपा पर पलटवार किया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस वही गा रही है जो वर्षों से गाया जा रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभ भाई पटेल भी इसी तरीके से वंदे मातरम का गायन करते थे। खरगे ने आगे कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी इसी तरह गायन करते थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर कांग्रेस के गाने के तरीके पर केस दर्ज करना है, तो सरकार को इन महापुरुषों पर भी मुकदमा करना चाहिए, जो उनकी ही विचारधारा का हिस्सा रहे हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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