महाराष्ट्र
एक घंटा पहले
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विचारों
शादी के प्रस्तावों पर मां का बयान
छत्रपति संभाजीनगर के निवासी और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके इन दिनों चर्चा में हैं। उन्हें लेकर देश भर से विवाह के ढेरों प्रस्ताव आ रहे हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए उनकी मां अनीता दीपके ने बताया कि पिछले दो वर्षों से उन्हें लगातार ऐसे प्रस्ताव मिल रहे हैं। हालांकि, अभिजीत ने अभी विवाह करने से इनकार कर दिया है। अनीता दीपके ने स्पष्ट किया कि उनके बेटे का मानना है कि पहले उसे अपनी शिक्षा पूरी करनी चाहिए और उसके बाद आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना चाहिए। केवल तभी वह अपने जीवन के इस नए पड़ाव के बारे में सोचेगा।
विवाह के लिए क्यों मना कर रहे हैं अभिजीत?
एक प्रमुख समाचार एजेंसी को दिए गए साक्षात्कार में अनीता दीपके ने खुलासा किया कि उन्हें शादी के रिश्ते तब से मिल रहे हैं, जब अभिजीत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी नहीं मिली थी। उन्होंने बताया कि NEET-UG परीक्षा में हुई धांधली के खिलाफ उनके आंदोलन से पहले से ही लोग उनके बेटे में रुचि ले रहे थे। मां के अनुसार, अभिजीत का तर्क बहुत सीधा है। वह कहते हैं कि बिना खुद कमाए वह शादी का खर्च कैसे उठाएंगे। अनीता ने उनसे कहा था कि परिवार के पास पर्याप्त धन है, लेकिन अभिजीत ने इसे स्वीकार करने से मना कर दिया। वह अपनी ईमानदारी का परिचय देते हुए कहते हैं कि वह अपनी शादी के लिए कपड़ों के अलावा परिवार से कुछ भी नहीं लेंगे। वह चाहते हैं कि उनकी कमाई का जरिया उनका अपना संघर्ष हो।
हर माता-पिता की स्वाभाविक इच्छा
जब अनीता दीपके से पूछा गया कि क्या वह चाहती हैं कि उनका बेटा विवाह करे, तो उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल स्वाभाविक है। हर माता-पिता का यह सपना होता है कि उनके बच्चों का घर बस जाए और वह अपना परिवार शुरू करें। वह भी ऐसा ही चाहती हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अंतिम फैसला हमेशा उनके बेटे का ही होगा। फिलहाल, वे इस विषय पर अभिजीत से अधिक चर्चा भी नहीं कर पा रही हैं क्योंकि वह काफी व्यस्त रहते हैं। मां-बेटे की बातचीत मुख्य रूप से वीडियो कॉल पर होती है और वह भी केवल उनके स्वास्थ्य के इर्द-गिर्द सिमट जाती है। अभिजीत आजकल अस्वस्थ चल रहे हैं, जिसके कारण उनकी मां ने उन्हें सलाह दी है कि वह काम से कुछ समय का ब्रेक लें और पूरी तरह से आराम करें ताकि वे स्वस्थ हो सकें।
30 साल के एक्टिविस्ट का संघर्ष
वर्तमान में कॉकरोच जनता पार्टी और केंद्र सरकार के बीच छात्रों के ऊपर दर्ज FIR को वापस लेने को लेकर गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच 30 वर्षीय अभिजीत दीपके ने अपने निजी जीवन के बड़े फैसले को फिलहाल के लिए टाल दिया है। वह अभी अपने सामाजिक और राजनीतिक लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। बता दें कि जब अभिजीत 6 जून, 2026 को बोस्टन से नई दिल्ली पहुंचे थे, तब उन्हें मुख्य रूप से एक ऑनलाइन एक्टिविस्ट के तौर पर पहचाना जाता था। लेकिन बहुत कम समय में ही उन्होंने NEET-UG जैसे संवेदनशील मुद्दों को उठाकर देशव्यापी छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया और अब वह युवाओं की आवाज बनकर उभरे हैं।
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