उत्तर प्रदेश
3 घंटे पहले
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मुगलसराय के चंदौली में 6 जून को हुए चर्चित मनोज कुमार हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सिर्फ 24 घंटे के भीतर खोल दी। छानबीन में पता चला कि कर्ज और ब्याज के लेन-देन तथा पुरानी अदावत के चलते डेढ़ लाख रुपये की सुपारी देकर मनोज की हत्या करवाई गई थी। इस पूरी साजिश का सरगना रेलवे का एक लोको पायलट निकला, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात की रूपरेखा तैयार की। आरोपियों ने पैसे लौटाने का झांसा देकर मनोज को घर से बुलाया और एक सुनसान जगह ले जाकर उसके सिर और सीने में गोलियां उतार दीं।
सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
घटना की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सीडीआर और दूसरी तकनीकी मदद का सहारा लिया। इन्हीं सुरागों के आधार पर पुलिस असली गुनहगारों तक पहुंची और मुख्य शूटर को धर दबोचा। उसके पास से वह पिस्टल भी बरामद की गई, जिससे वारदात को अंजाम दिया गया था। हथियार की बरामदगी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी और उसे दोबारा गिरफ्त में ले लिया गया।
एसपी आकाश पटेल ने क्या कहा
एसपी आकाश पटेल की लगातार 15 घंटे की निगरानी में अलीनगर पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम ने मिलकर इस अंधे कत्ल यानी ब्लाइंड मर्डर की पहेली सुलझाई। एसपी ने बताया कि मनोज कुमार हत्याकांड का खुलासा महज 24 घंटे के भीतर कर दिया गया। इस बड़ी सफलता पर उन्होंने पूरी टीम की हौसलाअफजाई करते हुए 50 हजार रुपये के इनाम का ऐलान किया। आकाश पटेल ने कहा कि तकनीकी संसाधनों और टीम की चौकस कार्रवाई के दम पर मुख्य शूटर को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल पिस्टल बरामद की गई है। उन्होंने बताया कि वारदात में शामिल बाकी आरोपियों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी है, और बेहतरीन काम करने वाली पुलिस टीम को 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
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