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एक घंटा पहले
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विचारों
एक दौर था जब फुटबॉल के मैदान पर साथी बच्चे उन्हें चिढ़ाया करते थे और हार के बाद वह रोते हुए अपने दादा-दादी के पास लौट जाते थे। शायद उस वक्त किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि यही बच्चा एक दिन फीफा वर्ल्ड कप 2026 में यूरोपियन चैंपियन स्पेन को रोककर पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन जाएगा। लेकिन फुटबॉल में सपनों के लिए उम्र कभी रुकावट नहीं बनती और केप वर्डे के गोलकीपर वोजिन्हा ने यही बात सच कर दिखाई। टूर्नामेंट के अपने पहले ही मैच में केप वर्डे ने बड़ा उलटफेर करते हुए स्पेन को 0-0 की बराबरी पर रोक दिया। इस यादगार नतीजे के सबसे बड़े नायक रहे 40 साल के वोजिन्हा, जिन्होंने एक के बाद एक बेहतरीन बचाव कर स्पेनिश समर्थकों को मायूस कर दिया।
स्पेन के 27 शॉट के सामने दीवार बनकर खड़े रहे वोजिन्हा
इस रोमांचक मुकाबले में स्पेन का गेंद पर लगभग पूरा नियंत्रण रहा और उसने गोलपोस्ट की ओर कुल 27 शॉट लगाए। बड़े सितारों से भरी टीम लगातार केप वर्डे की रक्षापंक्ति को भेदने की कोशिश में लगी रही। दूसरे हाफ में युवा सनसनी लामिन यामाल को भी मैदान में उतारा गया, फिर भी कोई खिलाड़ी वोजिन्हा की दीवार को नहीं भेद सका। 40 साल के इस गोलकीपर ने कुल सात शानदार सेव किए और अपनी टीम को वर्ल्ड कप के पहले ही मैच में एक ऐतिहासिक अंक दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। 7 सेव के साथ वह अपने वर्ल्ड कप डेब्यू मैच में क्लीन शीट रखने वाले सबसे उम्रदराज गोलकीपर भी बन गए।
मैच खत्म होते ही छलक आए आंसू
फाइनल सीटी बजते ही वोजिन्हा अपने गोलपोस्ट के पास झुक गए और भावुक होकर रोने लगे। कुछ ही पलों में उनके साथी खिलाड़ी दौड़कर उन्हें गले लगाने पहुंच गए। यह दृश्य देखकर स्टेडियम में मौजूद स्पेनिश समर्थक भी विपक्षी टीम के इस गोलकीपर की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए।
50 हजार से 50 लाख तक पहुंचे फॉलोअर्स
मुकाबले से पहले इंस्टाग्राम पर वोजिन्हा के करीब 50 हजार फॉलोअर्स थे। लेकिन स्पेन के खिलाफ उनके करिश्माई प्रदर्शन ने उन्हें रातों-रात सोशल मीडिया स्टार बना दिया। मैच के समाप्त होते-होते उनके फॉलोअर्स की संख्या 15 लाख के पार जा पहुंची, जबकि कुछ ही घंटों बाद यह आंकड़ा 50 लाख के पार चला गया। फॉलोअर्स की संख्या इसके बाद भी लगातार बढ़ती रही और खबर लिखे जाने तक यह बढ़कर 54 लाख तक पहुंच चुकी थी।
15 साल पहले शुरू हुआ था प्रोफेशनल सफर
वोजिन्हा ने 25 साल की उम्र में अंगोला के क्लब प्रोग्रेसो के साथ अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने मोल्दोवा, साइप्रस, स्लोवाकिया और पुर्तगाल के क्लबों के लिए खेला। मौजूदा समय में वह पुर्तगाल की सेकेंड डिवीजन की टीम चावेस का हिस्सा हैं। साल 2012 में उन्होंने केप वर्डे की राष्ट्रीय टीम के लिए खेलना शुरू किया था। इस लंबे सफर में कई बार उनके मन में संन्यास का खयाल भी आया, लेकिन वर्ल्ड कप खेलने का सपना उन्हें हर बार आगे बढ़ने का हौसला देता रहा।
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