राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
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सुरक्षा चुनौतियों पर मंथन
राजधानी नई दिल्ली में आज 22 जून 2026 से ब्रिक्स (BRICS) देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) और सुरक्षा मामलों के उच्च प्रतिनिधियों की दो दिवसीय बैठक शुरू हो रही है। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल करेंगे। इस बैठक का मुख्य केंद्र आज की दुनिया के सामने मौजूद गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां (Non-Conventional Security Challenges) हैं।
कौन-कौन ले रहा है हिस्सा
इस सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु और ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के उप सचिव समेत अन्य प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के भाग लेने की संभावना है। चीन ने पहले ही वांग यी के दौरे की पुष्टि कर दी है और उनके अजीत डोभाल के साथ अलग से बातचीत करने की भी चर्चा है।
एजेंडा में क्या रहेगा खास
बैठक में कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है, जिनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित विषय शामिल हैं:
- साइबर सुरक्षा और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का सुरक्षित उपयोग।
- डिजिटल क्षेत्र में बढ़ते जोखिम और नई तकनीकों से पैदा खतरे।
- सीमा पार आतंकवाद और विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी गतिविधियां।
- पश्चिम एशिया की स्थिति और रूस-यूक्रेन युद्ध का प्रभाव।
- अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच का तनाव और क्षेत्रीय सुरक्षा।
आतंकवाद और सहयोग की रणनीति
प्रतिनिधि ब्रिक्स के आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह और सुरक्षा कार्य समूह की पिछली बैठकों के नतीजों पर भी चर्चा करेंगे। यह बैठक आगामी सितंबर माह में भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों के लिए भी अहम मानी जा रही है। भारत 2026 में चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है, जिसकी मुख्य थीम 'Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability' रखी गई है। हालांकि, ब्रिक्स के भीतर पहले भी विभिन्न भू-राजनीतिक मुद्दों पर असहमति देखी गई है, इसलिए इस बैठक में साझा सहमति बनाना एक बड़ी चुनौती होगी।
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