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2 घंटे पहले
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विचारों
सिनेमाघरों में गूंजा यश का जलवा
यश स्टारर फिल्म टॉक्सिक ने आखिरकार आज देशभर के सिनेमाघरों में अपनी दस्तक दे दी है। इस फिल्म को हिंदी, कन्नड़, तमिल, तेलुगु और मलयालम समेत कुल पांच भाषाओं में रिलीज किया गया है। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच भारी उत्साह और क्रेज की स्थिति बनी हुई है। जबलपुर के समदड़िया मॉल में बड़ी संख्या में दर्शक इस फिल्म को देखने पहुंचे और वहां का माहौल काफी जीवंत नजर आया। दर्शकों के उत्साह को देखकर यह स्पष्ट है कि यश की पर्दे पर वापसी का लोगों को बेसब्री से इंतजार था।
जबलपुर के दर्शकों की क्या है राय
फिल्म देखने के बाद बाहर निकले दर्शकों ने अपनी मिली-जुली लेकिन सकारात्मक प्रतिक्रिया साझा की है। दर्शकों का साफ तौर पर मानना है कि फिल्म का एक्शन सीक्वेंस और इसकी सिनेमेटोग्राफी बेहद लाजवाब है। फिल्म की शुरुआत भले ही काफी साधारण और सहज लगती हो, लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, यह अपने अंतिम पड़ाव तक आते-आते पूरी तरह से ट्विस्टेड हो जाती है। फिल्म के विजुअल्स इतने शानदार और टॉप क्लास हैं कि दर्शकों की निगाहें स्क्रीन से हटना मुश्किल हो जाता है।
यश का डबल रोल और रोमांचक कहानी
अपने दोस्तों के साथ अचानक प्लान बनाकर फिल्म देखने पहुंचे अनीश पटेल ने यश के अभिनय की जमकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि फिल्म में यश का डबल रोल देखने को मिला है, जो दर्शकों के लिए किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं है। अनीश के अनुसार, मूवी का पहला हाफ दर्शकों को एक रोमांचक और अलग स्तर पर ले जाने का काम करता है, वहीं दूसरा हाफ एक बेहतरीन माइंड-ट्विस्टिंग थ्रिलर के रूप में सामने आता है। फिल्म में यश नादिया के किरदार में भी दिखाई दिए हैं, जो रुमी की मां के रूप में कहानी को एक अलग दिशा देने का काम करती हैं।
संदेश के साथ मनोरंजन का मिश्रण
एक अन्य दर्शक रुद्राक्ष ने फिल्म की लंबाई पर बात करते हुए बताया कि फिल्म काफी लंबी है, लेकिन इसके बावजूद भी कोई दर्शक एक सेकंड के लिए भी बोर महसूस नहीं करता। रुद्राक्ष के मुताबिक, फिल्म न केवल मनोरंजन करती है बल्कि एक गहरा और प्रभावशाली संदेश भी देती है। फिल्म यह बखूबी दिखाती है कि किस तरह से जीवन में छोटी-छोटी गलतफहमियां बड़े विवादों में बदल जाती हैं। फिल्म के सभी किरदारों को बहुत बारीकी से गढ़ा गया है और अभिनेताओं की परफॉर्मेंस ने फिल्म की गुणवत्ता को और ऊपर उठाया है।
हिंसा और सकारात्मकता का संदेश
दर्शक इशिका कुशवाहा ने फिल्म में दिखाई गई हिंसा के पहलुओं पर अपने विचार रखे। उनका कहना है कि फिल्म में हिंसा का स्तर काफी अधिक है, लेकिन इसके माध्यम से यह महत्वपूर्ण संदेश देने की कोशिश की गई है कि हर स्थिति में आप नेगेटिव एनर्जी को पॉजिटिव एनर्जी में नहीं बदल सकते। इशिका ने फिल्म की सराहना करते हुए दर्शकों को सलाह दी है कि इस बेहतरीन अनुभव को थिएटर में एक बार जरूर देखना चाहिए। टॉक्सिक अपने विजुअल्स, कहानी और यश के अभिनय के दम पर एक यादगार फिल्म साबित होती दिख रही है।
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