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एक घंटा पहले
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सिनेमाघरों में टॉक्सिक की एंट्री
साउथ के मशहूर अभिनेता यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म टॉक्सिक आखिरकार रिलीज हो चुकी है। फिल्म की रिलीज को लेकर फैंस के बीच लंबे समय से जबरदस्त उत्साह था और इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा थी। इस फिल्म को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक बिलासपुर के पीवीआर पहुंचे। हालांकि, फिल्म खत्म होने के बाद जो फीडबैक सामने आया, वह काफी चौंकाने वाला है। बिलासपुर के सिनेमाघर से बाहर निकल रहे दर्शकों ने फिल्म को लेकर मिली-जुली राय दी है। जहां कुछ लोग यश की मौजूदगी से खुश दिखे, वहीं ज्यादातर दर्शक कहानी के स्तर पर पूरी तरह निराश नजर आए।
फर्स्ट हाफ और सेकंड हाफ का अंतर
फिल्म देखकर बाहर आए कई दर्शकों का मानना है कि फिल्म का पहला हिस्सा काफी दमदार था और उसने दर्शकों को बांधे रखा। हालांकि, इंटरवल के बाद फिल्म की स्थिति पूरी तरह बदल गई। दर्शकों ने बताया कि सेकंड हाफ में फिल्म की कहानी बिखर गई और इसे समझ पाना मुश्किल हो गया। लोगों की शिकायत है कि फिल्म में एक्शन और वीएफएक्स (VFX) की भरमार तो है, लेकिन पटकथा के स्तर पर यह फिल्म अपनी छाप छोड़ने में विफल रही है। बिलासपुर के स्थानीय दर्शकों ने फिल्म को औसत से भी कमतर आंका है।
मनन ने दी सिर्फ डेढ़ स्टार की रेटिंग
फिल्म देखने पहुंचे मनन नामक दर्शक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे पैसे की बर्बादी करार दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें यह फिल्म बिल्कुल भी पसंद नहीं आई। उन्होंने फिल्म को पांच में से सिर्फ डेढ़ स्टार की रेटिंग दी है। मनन के अनुसार, इंटरवल से पहले का हिस्सा उन्हें बेहद खराब लगा और इंटरवल के बाद भी फिल्म कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाई। उन्होंने सलाह दी कि दर्शकों के लिए पैसे खर्च करने के बजाय किसी और विकल्प को चुनना बेहतर होगा।
VFX ने किया प्रभावित, लेकिन कहानी रही नदारद
एक अन्य दर्शक ने अपनी राय रखते हुए बताया कि उन्हें फिल्म की पूरी कहानी शुरू से लेकर अंत तक समझ ही नहीं आई। उनके मुताबिक, फिल्म में ऐसा कोई ठोस कॉन्सेप्ट नहीं है जिससे दर्शक खुद को जोड़ सकें। फिल्म में तकनीकी रूप से वीएफएक्स और विजुअल्स का काम तो ठीक है, लेकिन कंटेंट के मामले में फिल्म खाली है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सिर्फ दिखावे के दम पर फिल्म को अच्छा नहीं माना जा सकता है।
प्रवीण कश्यप का अनुभव
दर्शक प्रवीण कश्यप का मानना है कि फिल्म के एक्शन सीन काफी शानदार हैं, लेकिन कहानी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। उन्होंने फिल्म को एक साइको मूवी की संज्ञा दी और कहा कि यश की एक्टिंग में कोई कमी नहीं है, लेकिन स्क्रिप्ट बेहद कमजोर है। प्रवीण ने यह भी चेतावनी दी कि यह फिल्म परिवारों के साथ बैठकर देखने वाली बिल्कुल नहीं है। उन्होंने इसे 18 प्लस श्रेणी की फिल्म बताया है।
गोलीबारी और बमबारी के बीच खोई कहानी
कुछ दर्शकों ने फिल्म में दिखाए जा रहे लगातार एक्शन, बमबारी और गोलीबारी पर सवाल उठाए हैं। एक दर्शक ने शिकायत की कि फिल्म में कहानी की जगह केवल शोर-शराबा है। उन्होंने कहा कि यश की अन्य फिल्मों की तुलना में टॉक्सिक का कथानक बहुत ही कमजोर है। दर्शक यह समझने में परेशान थे कि आखिर फिल्म में चल क्या रहा है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह फिल्म दर्शकों की अपेक्षाओं को पूरा करने में नाकाम रही है।
हाइप का मिला उलटा असर
फिल्म की रिलीज से पहले जो उत्साह था, वह फिल्म देखने के बाद दर्शकों के चेहरे पर उदासी में बदल गया। एक दर्शक ने कहा कि यश की फिल्म होने की वजह से उन्होंने पहले दिन शो देखा, लेकिन वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उनके अनुसार, फिल्म के लिए जितनी हाइप बनाई गई थी, उस स्तर का मजा फिल्म में नहीं मिल सका। उम्मीदों का पहाड़ इतना ऊंचा था कि फिल्म का कंटेंट उसे छू भी नहीं पाया।
रोशन का सकारात्मक नजरिया
हालांकि, दर्शकों में से कुछ ने फिल्म की सराहना भी की है। रोशन नामक दर्शक ने फिल्म को बहुत बढ़िया बताया। उन्होंने कहा कि इसमें भरपूर एक्शन के साथ-साथ रोमांटिक सीन भी हैं, जो दर्शकों का ध्यान खींचते हैं। उन्होंने यश के डबल रोल और उनके अलग-अलग किरदारों को पर्दे पर देखना काफी मजेदार अनुभव बताया। रोशन के हिसाब से फिल्म क्लाइमैक्स तक दर्शकों को बांधे रखती है।
क्लाइमैक्स और एंडिंग पर सवाल
वहीं, दूसरी ओर दुष्यंत कुमार ने फिल्म को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि एक्टिंग के मामले में यश का प्रदर्शन शानदार रहा है, लेकिन अंत तक आते-आते कहानी बहुत ही फीकी पड़ गई। फिल्म की एंडिंग को उन्होंने काफी निराशाजनक बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक बड़े बजट की फिल्म से जिस तरह के रोमांच और जिज्ञासा की उम्मीद की जाती है, वह क्लाइमैक्स में देखने को नहीं मिली।
बिलासपुर में फिल्म का भविष्य
बिलासपुर के पीवीआर में दर्शकों के इन रिएक्शंस से यह स्पष्ट है कि टॉक्सिक हर किसी को लुभाने में सफल नहीं रही है। जहाँ एक्शन के शौकीन लोगों को यश का अंदाज़ पसंद आ रहा है, वहीं कहानी और तर्क खोजने वाले दर्शक मायूस हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में बॉक्स ऑफिस पर फिल्म क्या रुख अपनाती है और अन्य शहरों में दर्शकों की क्या राय सामने आती है। बिलासुपर की यह मिली-जुली प्रतिक्रिया फिल्म के निर्माताओं के लिए निश्चित रूप से एक चिंता का विषय हो सकती है।
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