बोकारो का मशहूर 'पनीर कटलेट': महज 12 रुपये में मिलता है क्रिस्पी स्वाद, खाने के लिए दूर-दूर से आते हैं लोग झारखंड 5 घंटे पहले 2
झारखंड के बोकारो में स्थित 'मामा दुकान' का पनीर कटलेट अपने लाजवाब स्वाद और कम कीमत के लिए बेहद प्रसिद्ध है, जिसे खाने के लिए लोग डेढ़ किलोमीटर दूर से खिंचे चले आते हैं।

मौसम सुहाना हो या बारिश की रिमझिम फुहारें, कुछ गरमा-गरम और चटपटा खाने की चाहत हर किसी के मन में जाग उठती है। ऐसे में अगर आप झारखंड के बोकारो में हैं, तो आपके लिए एक बेहद खास ठिकाना मौजूद है। बोकारो के सेक्टर-2 कला केंद्र के ठीक सामने स्थित एक छोटी सी दुकान इन दिनों अपने बेहद स्वादिष्ट और कुरकुरे पनीर कटलेट के लिए पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस मशहूर दुकान को लोग मामा दुकान के नाम से जानते हैं। यहां मिलने वाले पनीर कटलेट का स्वाद इतना लाजवाब है कि लोग इसका लुत्फ उठाने के लिए काफी दूर से यहां खिंचे चले आते हैं। खासकर मानसून के इस खुशनुमा मौसम में गरमा-गरम कटलेट खाने वालों की भीड़ इस दुकान पर हर समय देखी जा सकती है।

15 वर्षों से लोगों के दिलों पर राज कर रही है 'मामा दुकान'

इस प्रसिद्ध दुकान का संचालन अशोक साह करते हैं। अशोक साह बताते हैं कि वह पिछले लगभग 15 साल से इस जगह पर अपनी दुकान चला रहे हैं। समय के साथ उनकी दुकान ने स्थानीय लोगों के बीच अपनी एक खास पहचान बना ली है। दुकान के नाम के पीछे की कहानी भी बेहद दिलचस्प है। अशोक साह के अनुसार, जब उन्होंने दुकान शुरू की थी, तब ग्राहक उन्हें प्यार से मामा कहकर बुलाने लगे थे। धीरे-धीरे यह नाम इतना लोकप्रिय हो गया कि उन्होंने अपनी दुकान का नाम ही मामा दुकान रख दिया। आज बोकारो का शायद ही कोई ऐसा कोना होगा, जहां के लोग इस नाम और स्वाद से वाकिफ न हों।

मात्र 12 रुपये में लाजवाब स्वाद

मामा दुकान पर मुख्य रूप से दो प्रकार के कटलेट तैयार किए जाते हैं। इनमें पहला वेज कटलेट है और दूसरा पनीर कटलेट है। हालांकि, ग्राहकों के बीच सबसे ज्यादा मांग और लोकप्रियता पनीर कटलेट की ही रहती है। अशोक साह बताते हैं कि उनकी दुकान पर आने वाले ग्राहकों को स्वाद के साथ-साथ जेब का भी पूरा ध्यान रखा जाता है। यही कारण है कि इस महंगाई के दौर में भी वह ग्राहकों को महज 12 रुपये में पनीर कटलेट और वेज कटलेट का बेमिसाल स्वाद परोस रहे हैं। इस कम कीमत और बेहतरीन गुणवत्ता के कारण ही न केवल आसपास के लोग, बल्कि शहर के अन्य सुदूर इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग रोजाना यहां आते हैं।

कैसे तैयार होता है यह क्रिस्पी पनीर कटलेट? जानिए इसकी खास रेसिपी

पनीर कटलेट को इतना स्वादिष्ट और क्रिस्पी बनाने की अपनी एक विशेष विधि है, जिसके बारे में खुद दुकान संचालक अशोक साह ने विस्तार से साझा किया है। इसकी तैयारी बेहद सफाई और सलीके से की जाती है:

  • सबसे पहले ताजे ब्रेड को दो बराबर हिस्सों में काटा जाता है।
  • इसके बाद ब्रेड के इन दोनों टुकड़ों को अच्छी तरह से मक्खन (बटर) में डुबोया जाता है, ताकि ब्रेड के अंदर तक मक्खन का स्वाद अच्छी तरह समा जाए।
  • अब ब्रेड के इन दोनों हिस्सों के बीच में पनीर की एक बड़ी और स्वादिष्ट स्लाइस रखी जाती है।
  • इसके बाद इस सैंडविच नुमा हिस्से को सेव और अरारोट के खास मिश्रण में अच्छी तरह से लपेट दिया जाता है। यह मिश्रण ही कटलेट को बाहर से अतिरिक्त कुरकुरा और क्रिस्पी बनाता है।
  • आखिर में इसे खौलते हुए गर्म तेल में तब तक डीप फ्राई किया जाता है, जब तक कि इसका रंग सुनहरा और बनावट बेहद कुरकुरी न हो जाए।

अच्छी तरह से फ्राई होने के बाद इस गरमा-गरम पनीर कटलेट को मीठी चटनी, तीखी हरी चटनी और ताजे सलाद के साथ ग्राहकों के सामने बड़े ही चाव से परोसा जाता है।

सुबह से रात तक सजती है महफिल, रोजाना बिकते हैं 150 कटलेट

अगर आप भी इस क्रिस्पी पनीर कटलेट का स्वाद चखना चाहते हैं, तो आपको समय का विशेष ध्यान रखना होगा। मामा दुकान रोजाना सुबह 8 बजे खुल जाती है और रात के 9 बजे तक यहां ग्राहकों का आना-जाना लगा रहता है। दुकान के मालिक के मुताबिक, उनके यहां रोजाना औसतन लगभग 150 पीस पनीर कटलेट की खपत आसानी से हो जाती है। जब भी मौसम थोड़ा ठंडा होता है या बारिश का दौर शुरू होता है, तो चटपटा खाने के शौकीन लोगों की वजह से पनीर कटलेट की मांग में भारी उछाल आ जाता है और दुकान पर पैर रखने की जगह भी नहीं बचती।

दूर-दूर से खिंचे चले आते हैं स्वाद के शौकीन

मामा दुकान के पनीर कटलेट की लोकप्रियता का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि लोग इसके लिए लंबा सफर तय करने से भी गुरेज नहीं करते। दुकान पर कटलेट का लुत्फ उठा रहे एक नियमित ग्राहक आर्यन ने अपना अनुभव साझा किया। आर्यन बोकारो के सेक्टर-3 इलाके में रहते हैं। उन्होंने बताया कि वह मामा दुकान के पनीर कटलेट के बहुत बड़े प्रशंसक हैं। आर्यन के अनुसार, वह अक्सर केवल इस कटलेट को खाने के लिए अपने घर से लगभग 1 से 1.5 किलोमीटर का सफर तय करके यहां आते हैं। उनका कहना है कि यहां मिलने वाला पनीर कटलेट इतना कुरकुरा और लाजवाब होता है कि एक बार खाने के बाद दोबारा यहां आने की इच्छा खुद-ब-खुद होने लगती है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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