नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन: 5,000 लोगों पर केस दर्ज करने को लेकर केरल सरकार पर बरसी बीजेपी भारत 2 घंटे पहले 2
नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केरल में हुए विरोध प्रदर्शनों में करीब 5,000 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। इस कार्रवाई पर बीजेपी ने राज्य की कांग्रेस सरकार को घेरते हुए दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है।

केरल सरकार पर लगा दोहरे मापदंड का आरोप

नीट परीक्षा के कथित पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर देश भर में विरोध की लहर देखने को मिली थी। इस बीच, केरल में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ हुई कानूनी कार्रवाई ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को केरल की कांग्रेस नीत सरकार पर निशाना साधते हुए उन पर दोहरे मापदंड अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। बीजेपी का कहना है कि राज्य सरकार ने विरोध प्रदर्शन में शामिल करीब 5,000 युवाओं के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं, जो उनकी दमनकारी नीति को दर्शाता है।

विपक्ष की मांग और पुलिस की कार्रवाई

यह मामला तब तूल पकड़ गया जब केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन ने मुख्यमंत्री वीडी सतीशन को एक पत्र लिखा। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि नीट पेपर लीक के विरोध में शामिल युवाओं और आम नागरिकों पर दर्ज किए गए सभी मुकदमे बिना शर्त वापस लिए जाएं। विजयन ने स्पष्ट किया कि राज्य भर में छात्र, सांस्कृतिक कार्यकर्ता और आम जनता शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे थे, लेकिन केरल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लगभग 5,000 लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कर दिए हैं।

बीजेपी का तीखा हमला

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक वीडियो बयान जारी कर कांग्रेस की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का चरित्र ही दोहरे मापदंड का है, जहां वे अपने और दूसरों के लिए अलग अलग नियम रखते हैं। पूनावाला ने उदाहरण देते हुए कहा कि महाराष्ट्र, बिहार और असम जैसे राज्यों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस ले लिए हैं, लेकिन केरल में कांग्रेस सरकार ने हजारों युवाओं पर कानूनी शिकंजा कसा हुआ है।

शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे पर सवाल

शहजाद पूनावाला ने आगे कहा कि कांग्रेस के नेता अक्सर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते रहे हैं, लेकिन जब उनके अपने शासन वाले राज्यों जैसे कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना में पेपर लीक की घटनाएं सामने आती हैं, तो वे वहां के शिक्षा मंत्रियों से इस्तीफा मांगने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। बीजेपी ने इस चुप्पी को कांग्रेस की राजनीतिक अवसरवादिता करार दिया है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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