हिमाचल प्रदेश
3 घंटे पहले
2
विचारों
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक सरकारी और निजी बस के बीच आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस सड़क के किनारे बनी गहरी खाई की तरफ आधी हवा में लटक गई। गनीमत यह रही कि सड़क किनारे बने कंक्रीट के एक छोटे से पैरापिट यानी सुरक्षा दीवार ने बस को रोक लिया, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया। इस बस में स्कूली बच्चों और कॉलेज के छात्रों समेत करीब 40 लोग सवार थे। घटना के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई, लेकिन राहत की बात यह है कि सभी यात्री सुरक्षित हैं और उन्हें केवल मामूली चोटें आई हैं।
हादसे का घटनाक्रम और रूट की जानकारी
मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा बिलासपुर जिले के भगेड़-पनौल मार्ग पर स्थित हनुमान मंदिर के पास सुबह के समय पेश आया। एचआरटीसी की बस जबलू से घुमारवीं की ओर जा रही थी। सुबह का समय होने के कारण बस में स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं के साथ-साथ रोजाना काम पर जाने वाले नौकरीपेशा लोगों की भारी भीड़ थी। बस में करीब 40 यात्री सवार थे।
जैसे ही एचआरटीसी की बस हनुमान मंदिर के पास पहुंची, विपरीत दिशा से आ रही एक निजी बस से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। बताया जा रहा है कि यह निजी बस मेघ ट्रेवल्स की थी, जो गेहड़वीं-घुमारवीं-गेहड़वीं रूट पर चल रही थी। टक्कर इतनी तेज थी कि एचआरटीसी की बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे हवा में झूल गई।
मौत के मुंह से बचे यात्री: पैरापिट बना देवदूत
टक्कर के बाद एचआरटीसी की बस का आधा हिस्सा सड़क से बाहर निकलकर हवा में लटक गया था। बस के नीचे करीब 200 मीटर गहरी खाई थी। अगर सड़क के किनारे कंक्रीट का वह छोटा सा पैरापिट न होता, तो बस सीधे इस गहरी खाई में गिर जाती और एक बहुत बड़ी त्रासदी हो सकती थी। पैरापिट ने बस के पहियों को खाई में जाने से रोक लिया, जिससे 40 यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई।
हादसे के तुरंत बाद बस के अंदर बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया और वे डर के मारे चिल्लाने लगे। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। गनीमत रही कि इस खतरनाक दुर्घटना में किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई है। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार दे दिया गया है और वे खतरे से बाहर हैं।
प्रदेश में लगातार हो रहे हैं सड़क हादसे
हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बिलासपुर की इस घटना से कुछ ही दिन पहले, बीते 9 अगस्त को चंबा जिले के तीसा में भी एक बड़ा हादसा हुआ था। वहां एक निजी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस तरह के पहाड़ी रास्तों पर तीखे मोड़ और संकरी सड़कें अक्सर हादसों का कारण बनती हैं, जहां जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
Comments
0 comment