बिहार में अवैध बालू खनन पर ED का बड़ा प्रहार, दिल्ली से राजस्थान तक रेड में बरामद हुए करोड़ों राष्ट्रीय राजनीति एक महीने पहले 52
प्रवर्तन निदेशालय ने बिहार के बांका जिले में अवैध बालू खनन से जुड़े एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में देश भर के 12 ठिकानों पर छापेमारी की है, जिसमें नकदी और अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

छापेमारी और बरामदगी का ब्योरा

बिहार के बांका जिले में चल रहे अवैध बालू खनन के नेटवर्क के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कस दिया है। शुक्रवार को केंद्रीय जांच एजेंसी ने एक साथ देश के कई बड़े शहरों में छापेमारी की। ईडी की टीम ने राजस्थान, दिल्ली, गुरुग्राम, पटना और बांका सहित कुल 12 ठिकानों पर दबिश दी। इस बड़े ऑपरेशन के दौरान एजेंसी को भारी सफलता हाथ लगी है और तलाशी में कुल 2.92 करोड़ रुपये की नगदी बरामद की गई है। नकदी के साथ ही ईडी ने छापेमारी के दौरान जमीनों की खरीद-फरोख्त से जुड़े कागजात, बैंक खातों का विवरण, चेक, लोन के एग्रीमेंट, निवेश के रिकॉर्ड और बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं। इन तमाम दस्तावेजों और उपकरणों के जरिए अब एजेंसी मनी लॉन्ड्रिंग के पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने की कोशिश कर रही है।

महादेव एनक्लेव और चंदक परिवार की भूमिका

ईडी की जांच का मुख्य केंद्र महादेव एनक्लेव प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनी है। एजेंसी का आरोप है कि इस कंपनी ने बांका जिले में बड़े स्तर पर अवैध बालू खनन को अंजाम दिया है। जांच में सामने आया है कि इस कंपनी का पूरा कामकाज राजस्थान के श्रीगंगानगर स्थित चंदक परिवार के नियंत्रण में था। इस पूरे मामले में अशोक चंदक और उनके बेटे राघव चंदक का नाम प्रमुखता से उभरकर सामने आया है। इसके अलावा कंपनी के निदेशक मनोज पचीसिया पर भी लंबे समय तक अवैध खनन करने के गंभीर आरोप लगे हैं।

अवैध खनन का गणित और जांच का आधार

इस पूरे मामले की जड़ बांका में दर्ज एक प्राथमिकी (FIR) में निहित है। जांच एजेंसियों का कहना है कि महादेव एनक्लेव प्राइवेट लिमिटेड ने वर्षों तक खनन विभाग को अंधेरे में रखा और खनन की सही रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की। मामले की गंभीरता को देखते हुए ईडी ने IIT पटना की सहायता ली। एजेंसी ने बांका के बालू घाटों का जियोस्पेशियल एनालिसिस करवाया, जिसकी रिपोर्ट में एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2022-23 के बीच कंपनी ने करीब 131 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के बालू का अवैध खनन किया है।

आगे की कानूनी प्रक्रिया

IIT पटना द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट को जांच के बाद बिहार स्टेट माइनिंग कॉर्पोरेशन को भेजा गया था। इसी रिपोर्ट को आधार मानते हुए बिहार सरकार के खान एवं भू-तत्व विभाग ने अगस्त 2025 में एक नई प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वर्तमान में इसी मामले के आधार पर ईडी अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है और बरामद किए गए डिजिटल सबूतों और दस्तावेजों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है ताकि इस काले कारोबार से जुड़े हर पहलू का पर्दाफाश किया जा सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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