मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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विचारों
विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक ही मंच से सनातन संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को आपस में जोड़ते हुए एक अहम राजनीतिक और वैचारिक संदेश दिया. उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति सदियों से प्रकृति को पूजनीय मानती आई है और आज विज्ञान जिन तथ्यों तक पहुंच रहा है, उन्हें हमारे शास्त्रों ने बहुत पहले ही स्वीकार कर लिया था.
मुख्यमंत्री ने “यत पिंडे तत ब्रह्मांडे” का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रकृति और मानव जीवन एक-दूसरे के पूरक हैं. उन्होंने प्रदेशवासियों से जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया. इसके साथ ही उन्होंने मध्यप्रदेश को मिले दो राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कारों को जनता और शासन की साझी उपलब्धि बताया.
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की खुलकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का कार्यकाल कई मायनों में ऐतिहासिक और रिकॉर्ड भरा रहा है तथा उनके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी सशक्त पहचान कायम की है. उन्होंने कहा कि देश विरासत से विकास की दिशा में तेज गति से बढ़ रहा है. आतंकवाद और नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई, आधुनिक सुरक्षा क्षमता और विकास पर आधारित शासन व्यवस्था ने भारत की छवि को और मजबूत किया है. इसी क्रम में उन्होंने मध्यप्रदेश की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश क्लीन एनर्जी, वन्यजीव संरक्षण और तकनीक आधारित प्रशासन में निरंतर आगे बढ़ रहा है.
सनातन और पर्यावरण के रिश्ते पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय परंपरा ने हमेशा प्रकृति को जीवन का आधार स्वीकार किया है. पेड़-पौधे, नदियां, पर्वत और वन्य जीव केवल संसाधन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं. उन्होंने कहा कि पौधों में प्राण होने की बात हमारी संस्कृति पहले से ही कहती रही है, जबकि विज्ञान ने बाद में इसकी पुष्टि की.
विश्व पर्यावरण दिवस पर लिया संकल्प
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने की अपील की. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को पेड़ लगाने, जल का संरक्षण करने और प्रकृति के अनुकूल जीवनशैली अपनाने की दिशा में काम करना चाहिए. उनके मुताबिक पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक सामाजिक दायित्व भी है.
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को ऐतिहासिक बताया. उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनाई है और सुरक्षा, विकास, तकनीक तथा बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है.
मध्यप्रदेश को मिले दो राष्ट्रीय पुरस्कार
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के तहत मध्यप्रदेश को मिले दो राष्ट्रीय सम्मानों पर प्रसन्नता जताई. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों के सम्मिलित प्रयासों का परिणाम है. यह सम्मान तकनीक आधारित जनसेवा और प्रशासनिक नवाचार की दिशा में मध्यप्रदेश की सफलता का प्रमाण है.
ई-नगर पालिका को स्वर्ण पुरस्कार
शहरी विकास एवं आवास विभाग की ई-नगर पालिका परियोजना को साइबर सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्वर्ण पुरस्कार दिया गया है. इस सम्मान को डिजिटल प्रशासन को सुरक्षित और प्रभावी बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है.
महाकाल क्षेत्र की एआई निगरानी को रजत सम्मान
उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर और रुद्रसागर एकीकृत विकास क्षेत्र में लागू त्रिनेत्र एआई आधारित वीडियो निगरानी प्रणाली को रजत पुरस्कार प्रदान किया गया है. इस परियोजना को धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर तकनीक आधारित सुरक्षा मॉडल के रूप में देखा जा रहा है.
ऊर्जा और वन्यजीव संरक्षण में भी उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बायोमास और जल विद्युत उत्पादन की क्षमता लगातार बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि वन्यजीव संरक्षण की प्रभावी नीतियों के चलते प्रदेश आज टाइगर स्टेट, चीता स्टेट और घड़ियाल संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल है.
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