वंदे भारत पर पत्थरबाजी CCTV में कैद, टूटा इंजन का शीशा, RPF ने फुटेज खंगालकर पकड़ा आरोपी बिहार 3 महीने पहले 54
भोजपुर के आरा रेलवे स्टेशन के पास चलती गोमतीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस के इंजन पर अज्ञात व्यक्ति ने पत्थर फेंका, जिससे अगला शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। पूरी घटना इंजन में लगे सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई और आरपीएफ ने फुटेज के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

बिहार के भोजपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बीते दिनों वंदे भारत एक्सप्रेस को निशाना बनाकर पत्थरबाजी की गई। एक व्यक्ति ने चलती ट्रेन के इंजन पर पत्थर फेंका, जिससे इंजन का अगला शीशा टूट गया। राहत की बात यह रही कि पूरी वारदात इंजन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जो आगे की कार्रवाई का सबसे अहम सबूत बनी।

रात के अंधेरे में हुई वारदात

घटना रात के समय की है, जब गोमतीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस अपनी तेज रफ्तार से पटरी पर दौड़ रही थी। यात्रियों को अंदाजा तक नहीं था कि कुछ ही पलों में ऐसा हादसा होने वाला है, जो पूरे रेलवे प्रशासन को अलर्ट मोड में ला देगा। 31 मई की रात करीब 10:40 बजे आरा रेलवे स्टेशन से आगे श्री टोला नहर पुल के पास अचानक ट्रेन के इंजन पर पत्थर फेंका गया।

जांच में सामने आया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने चलती वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थर मारा था। यह पत्थर सीधे इंजन के अगले शीशे से टकराया और उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना ने न केवल ट्रेन चालक को हिलाकर रख दिया, बल्कि यात्रियों और रेल परिचालन की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया।

CCTV फुटेज बनी जांच की सबसे बड़ी कड़ी

घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) सक्रिय हो गया। आरा पोस्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर वह कौन था जिसने देश की प्रतिष्ठित ट्रेन को निशाना बनाने की हिम्मत की।

इसके बाद सीसीटीवी फुटेज खंगालने का सिलसिला शुरू हुआ। आरपीएफ की टीम ने ट्रेन और आसपास लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग को बार-बार देखा। घंटों की पड़ताल के बाद फुटेज में एक संदिग्ध युवक नजर आया, जो ट्रेन गुजरते समय इंजन की ओर पत्थर फेंकता दिखाई दिया। यही फुटेज पूरी जांच का सबसे मजबूत आधार बन गई।

आरोपी ने कबूला जुर्म

निरीक्षक प्रभारी दीपक कुमार के नेतृत्व में टीम ने आरोपी की पहचान भोजपुर जिले के नवादा थाना क्षेत्र के बहिरो गांव निवासी गावस्कर पासवान के रूप में की। सूचना मिलते ही उसे हिरासत में ले लिया गया।

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि गिरफ्तारी के वक्त वह वही टी-शर्ट पहने हुए था, जो सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रही थी। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पत्थर फेंकने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।

आरपीएफ की लोगों से अपील

इस घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने लोगों से अपील की है कि वे चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी जैसी खतरनाक हरकतों से दूर रहें। ऐसी हरकतें कानूनन अपराध तो हैं ही, साथ ही सैकड़ों यात्रियों की जान को भी खतरे में डाल सकती हैं। इस मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अब सीसीटीवी कैमरों की नजर से बच पाना आसान नहीं रहा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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