बिहार
एक घंटा पहले
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क्या है पूरा मामला
बिहार के भोजपुर जिले के गड़हनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बड़ौरा गांव में एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक 8 वर्षीय मासूम बच्चे की जान महज एक माला की वजह से चली गई। मृतक बच्चे की पहचान संतान कुमार दुबे के बेटे इशांत कुमार के रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार, इशांत इन दिनों अपने ननिहाल में रहने के लिए आया हुआ था।
पेड़ से फिसलते ही हुआ हादसा
घटना के दिन इशांत की नानी ने उसे नहाने के लिए आवाज लगाई थी, जिसके जवाब में बच्चे ने कहा कि वह बस 10 मिनट में ही घर आ जाएगा। इसी बीच मासूम इशांत घर के बाहर स्थित पेड़ पर अमरूद तोड़ने के इरादे से चढ़ गया। पेड़ पर चढ़ने के दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे की ओर फिसल गया। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह रही कि गिरते समय बच्चे के गले में पहनी हुई माला पेड़ की डाल में बुरी तरह फंस गई। माला फंसने के कारण बच्चे की गर्दन का फंदा कस गया और वह गंभीर रूप से चोटिल हो गया।
अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
जब घर की एक छोटी बच्ची ने इशांत को इस हालत में पेड़ पर लटका हुआ देखा, तो उसने तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया। बच्ची की चीखें सुनकर परिजन मौके पर दौड़े और आनन-फानन में उसे उपचार के लिए नजदीकी निजी अस्पताल ले गए। वहां बच्चे की नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे आरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, आरा पहुंचने से पहले ही इशांत की सांसे थम चुकी थीं। आरा सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद मासूम को मृत घोषित कर दिया।
गांव में पसरा मातम
इस आकस्मिक घटना से बच्चे के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे बड़ौरा गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। इस तरह के हादसे यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि खेल-खेल में सावधानी न बरतना कितना घातक साबित हो सकता है।
सावधानी ही बचाव है
यह घटना एक चेतावनी भी है कि बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखना कितना जरूरी है। जिस प्रकार निशांत की जान एक माला के कारण गई, उसी तरह देशभर में लापरवाही के चलते कई तरह की दुर्घटनाएं होती रहती हैं। अक्सर लोग पतंग के मांझे के कारण होने वाली घटनाओं के बारे में भी सुनते हैं, जहां बेजुबान पक्षियों से लेकर इंसानों तक की जान जोखिम में पड़ जाती है। जरूरत है कि हम अपने आसपास के वातावरण और बच्चों की आदतों के प्रति अधिक सतर्क रहें, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
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