पंजाब कांग्रेस में घमासान: पार्टी से साइडलाइन किए जाने पर छलका मनीष तिवारी का दर्द पंजाब 2 महीने पहले 75
पंजाब कांग्रेस में संगठन के पुनर्गठन के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी व्यथा साझा करते हुए पार्टी के प्रति अपने लंबे योगदान का जिक्र किया है।

पार्टी में अनदेखी से मनीष तिवारी नाराज

पंजाब में आगामी चुनावी सरगर्मियों के बीच कांग्रेस पार्टी के भीतर असंतोष के स्वर उठने लगे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने खुद को पार्टी की नई व्यवस्था में किनारे किए जाने के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अपनी पीड़ा व्यक्त की है। तिवारी ने कटाक्ष करते हुए लिखा कि है बड़ा कोई अवगुण उसमें, जिसे कोई हुनर आवे। साथ ही, उन्होंने यह भी जोड़ा कि काश उनके पास कुछ लोगों और संस्थाओं की असुरक्षा की भावना का इलाज करने वाली दवा होती।

45 साल की निष्ठा पर पार्टी का रुख

अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर अपनी भावनाओं को साझा करते हुए मनीष तिवारी ने कांग्रेस के साथ अपने बीते 45 साल के संबंधों को याद किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उन्हें जीवन में बहुत कुछ दिया है, लेकिन उन्होंने भी अपनी जवानी का एक बड़ा हिस्सा पार्टी की सेवा में समर्पित कर दिया है। उन्होंने निराशा भरे लहजे में लिखा कि अब जो होना है, वो होकर रहेगा, जो उनके मन में चल रही हलचल को साफ दर्शाता है।

संगठन में बदलाव से उपजा विवाद

मनीष तिवारी की यह नाराजगी पंजाब कांग्रेस के हालिया पुनर्गठन से जुड़ी है। इस फेरबदल में उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं दी गई है। पार्टी द्वारा किए गए नए बदलावों में निम्नलिखित नियुक्तियां शामिल हैं:

  • अमरिंदर सिंह राजा वडिंग प्रदेश अध्यक्ष के पद पर बरकरार हैं।
  • प्रताप सिंह बाजवा को नेता प्रतिपक्ष के पद पर यथावत रखा गया है।
  • चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
  • सुखविंदर सिंह डैनी, राज कुमार वेरका और संगत सिंह को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।
  • विजय इंदर सिंगला को चुनाव प्रबंधन समिति की कमान सौंपी गई है।
  • सुखजिंदर सिंह रंधावा कोर कमेटी के प्रमुख होंगे।
  • अमर सिंह को घोषणापत्र समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।

पार्टी नेतृत्व का पक्ष

इस पूरे मामले पर जब अमर सिंह से सवाल किया गया, तो उन्होंने माना कि मनीष तिवारी पंजाब कांग्रेस के कद्दावर और वरिष्ठ नेता हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी में किसे कौन सी जिम्मेदारी दी जाएगी, यह फैसला पूरी तरह से पार्टी आलाकमान का होता है। फिलहाल इस घटनाक्रम से पंजाब कांग्रेस की आंतरिक खींचतान खुलकर सामने आ गई है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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