भागलपुर का यह ऐतिहासिक धाम बनेगा इंटरनेशनल टूरिस्ट स्पॉट, मिलेंगी वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं बिहार एक घंटा पहले 3
कहलगांव में गंगा नदी के बीच पहाड़ पर स्थित बाबा बटेश्वर स्थान का अनोखा शिव-काली मंदिर अब पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां बेहतरीन सड़कें, सीधी बस सेवा और गंगा का नजारा देखने के लिए व्यू पॉइंट बनाए जा रहे हैं।

भागलपुर जिले का एक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल जल्द ही बिहार पर्यटन का नया केंद्र बनने जा रहा है। कहलगांव में गंगा नदी के बीचोबीच पहाड़ पर बसा बाबा बटेश्वर स्थान का अद्भुत शिव-काली मंदिर अब नए स्वरूप में नजर आएगा। प्रशासन इस स्थल को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित कर रहा है, जिससे देश-विदेश के सैलानियों को यहां पहुंचने और दर्शन करने में सुविधा होगी।

ऐतिहासिक महत्व रखता है भागलपुर

भागलपुर जिला ऐतिहासिक दृष्टि से भी बेहद अहम माना जाता है। यहां कई ऐसे मंदिर हैं, जिनकी अपनी विशेष मान्यता है और जिनका इतिहास भी अनूठा रहा है। अलग-अलग स्थानों पर बसे इन मंदिरों में से एक है गंगा नदी के बीच पहाड़ों पर स्थित बाबा बटेश्वर स्थान, जो कहलगांव में है। इस मंदिर की अपनी अलग पहचान और मान्यता है, जहां देशी सैलानियों के साथ-साथ विदेशी पर्यटक भी पहुंचते हैं।

क्या है इस मंदिर की खासियत

भागलपुर शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर गंगा नदी के बीचोंबीच पहाड़ पर यह मंदिर स्थित है। मान्यता है कि यहां भगवान भोलेनाथ आपरूपी रूप में विराजमान हैं। मंदिर के पुजारी बताते हैं कि यहां महज 1 गज कम जमीन होने के कारण यह स्थान काशी बनने से रह गया था। पहाड़ों में आज भी ऋषि-मुनियों के तपस्या स्थल मौजूद हैं, जिन्हें सुरक्षा की दृष्टि से पुरातत्व विभाग द्वारा ताला लगाकर संरक्षित किया गया है। पुजारियों के अनुसार, यहां संत-महात्मा तपस्या किया करते थे।

एक साथ विराजमान हैं शिव और काली

कहा जाता है कि भगवान राम के गुरु वशिष्ठ जी ने भी यहां तपस्या की थी और उन्हीं के नाम पर इस स्थान का नाम बटेश्वर स्थान पड़ा। इस मंदिर की मान्यता इसलिए भी खास है क्योंकि पूरे भारत में यह एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां भगवान शिव के सामने मां काली विराजमान हैं। मंदिर का नजारा सचमुच अद्भुत है। पहले यहां तक पहुंचने में काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब इस स्थान तक पहुंचने के लिए सड़क बना दी गई है।

पर्यटन स्थल के रूप में होगा विकास

जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं पर काम चल रहा है। इस स्थल को पर्यटन की दृष्टि से और अधिक विकसित किया जाएगा तथा यहां कई मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इतना ही नहीं, परिवहन निगम ने यहां तक बस सेवा शुरू करने की तैयारी भी तेज कर दी है।

इस स्थल को एक सर्किट के रूप में तैयार किया जा रहा है, जिससे सैलानी बटेश्वर, विक्रमशिला पुरातत्व स्थल और तीनपहाड़ को एक ही दिन में घूम सकेंगे। कहलगांव के बटेश्वर स्थान के समीप एक व्यू पॉइंट भी बनाया जा रहा है, जहां से पूरी गंगा और मंदिर का विहंगम दृश्य नजर आएगा। इससे यहां आने वाले पर्यटकों को काफी सहूलियत मिलेगी।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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