उपनाम: बागेश्वर
बागेश्वर के पहाड़ों में चाय का अनोखा रिश्ता, मेहमाननवाजी और संस्कृति का बन गई अहम हिस्सा
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में चाय सिर्फ एक पेय नहीं बल्कि जीवनशैली का एक महत्वपूर्ण अंग है। सुबह की शुरुआत से लेकर मेहमानों के स्वागत तक, यहाँ चाय की अपनी एक अलग ही परंपरा है।
नैनीताल और मसूरी को भूल जाएंगे, कौसानी में दिखता है हिमालय का अद्भुत 180 डिग्री नजारा
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित कौसानी अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए मशहूर है। यह हिल स्टेशन हिमालय की चोटियों के शानदार दृश्य और शांति के लिए जाना जाता है।
बागेश्वर की रिचा जोशी बना रही हैं खास नेचुरल डिजाइन की-रिंग, ग्राहकों की पसंद के मुताबिक करती हैं तैयार
उत्तराखंड के बागेश्वर की निवासी रिचा जोशी घर पर ही आकर्षक और नेचुरल लुक वाले की-रिंग तैयार कर रही हैं। लोग अपनी पसंद के हिसाब से कस्टमाइज्ड डिजाइन भी बनवा सकते हैं।
नैनीताल और मसूरी की भीड़ से दूर, कौसानी का अनासक्ति आश्रम है शांति का ठिकाना
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित कौसानी अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, जिसे महात्मा गांधी ने भारत का स्विट्जरलैंड कहा था। यहाँ स्थित अनासक्ति आश्रम पर्यटकों के बीच शांति और आध्यात्मिक अनुभव के लिए बेहद लोकप्रिय है।
दो बार मिली असफलता, तीसरी बार में खजान ने लहराया परचम, अब नेशनल चैंपियनशिप में उत्तराखंड की ओर से दिखाएंगे दम
बागेश्वर जिले के धारी गांव के रहने वाले युवा हॉकी खिलाड़ी खजान सिंह टंगड़िया का चयन उत्तराखंड की सीनियर टीम में हुआ है। कड़ी मेहनत और धैर्य का परिचय देते हुए उन्होंने तीसरे प्रयास में यह बड़ी सफलता हासिल की है।
बागेश्वर का ऐतिहासिक गोमती मोटर पुल: छह दशकों से संभाल रहा है यातायात और व्यापार की कमान
उत्तराखंड के बागेश्वर में गोमती नदी पर बना गोमती मोटर पुल पिछले छह दशकों से भी अधिक समय से शहर की लाइफलाइन बना हुआ है, जो भारी वाहनों और व्यापारिक गतिविधियों के लिए आज भी बेहद महत्वपूर्ण है।
उत्तराखंड का पारंपरिक मसाला जम्बू: जानें पत्तियों को सुखाने का सही तरीका और कमाई का यह अनोखा जरिया
पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने वाला जम्बू ग्रामीण महिलाओं के लिए कमाई का बड़ा जरिया बन सकता है। जानिए इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने और पत्तियों को सुखाने का सही तरीका।
बागेश्वर: 60 साल पुराने मोटर पुल को मिलेगी नई पहचान, डेढ़ लेन के नए निर्माण की तैयारी तेज
उत्तराखंड के बागेश्वर में सरयू नदी पर बना छह दशक पुराना मोटर पुल अब बदलेगा। बढ़ते यातायात के दबाव को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने नए पुल के निर्माण के लिए तकनीकी परीक्षण शुरू कर दिया है।
बागेश्वर की महिलाओं ने पेश की मिसाल, सरकारी दफ्तरों में कैंटीन चलाकर संवारा अपना भविष्य
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में महिलाओं के एक समूह ने आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखी है। सरकारी कार्यालयों में कैंटीन का संचालन कर ये महिलाएं न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।
बागेश्वर का गोमती मोटर पुल: 1962 के युद्ध की यादें और 6 दशकों का सफर
उत्तराखंड के बागेश्वर में स्थित गोमती मोटर पुल न केवल यातायात की मुख्य कड़ी है, बल्कि इसका इतिहास 1962 के भारत-चीन युद्ध से गहराई से जुड़ा हुआ है। छह दशक से अधिक समय से यह पुल क्षेत्र की जीवनरेखा बना हुआ है।
बागेश्वर के गोलना में चूल्हे वाले मच्छी-भात का जादू, पिंडारी ट्रैक के सफर में पर्यटकों की पहली पसंद बना पहाड़ी स्वाद
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में पिंडारी ग्लेशियर के दुर्गम रास्ते पर स्थित गोलना गांव अपने पारंपरिक चूल्हे के मच्छी-भात से यात्रियों का दिल जीत रहा है। यह स्थानीय व्यंजन न केवल थकान मिटाता है, बल्कि ग्रामीण पर्यटन को भी नई पहचान दे रहा है।
बागेश्वर में सोने की कीमतों ने बढ़ाई चिंता, अब सुनारों की दुकानों पर भी सज रही है नकली ज्वेलरी
उत्तराखंड के बागेश्वर में सोने के बढ़ते दाम आम लोगों की जेब पर भारी पड़ रहे हैं, जिसके चलते अब पारंपरिक सुनार भी आर्टिफिशियल ज्वेलरी बेचने को मजबूर हो गए हैं।
बागेश्वर: प्रेमा कोरंगा की डेयरी ने बदली पशुपालकों की तकदीर, हर महीने हो रही एक लाख रुपये से अधिक की कमाई
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में एक स्थानीय डेयरी उद्यम ग्रामीण पशुपालकों के लिए आर्थिक संबल बन गया है, जहाँ दूध की नियमित बिक्री से किसानों को हर महीने लाखों की आय सुनिश्चित हो रही है।
सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी की पूजा क्यों नहीं होती, जानें पौराणिक कथाएं
हिन्दू धर्म में भगवान ब्रह्मा को सृष्टि का रचयिता माना जाता है, लेकिन इसके बावजूद उनकी पूजा अन्य देवताओं की तरह व्यापक रूप से नहीं होती है। आइए जानते हैं कि किन श्रापों और घटनाओं के कारण ब्रह्मा जी का मंदिर और पूजन का महत्व सीमित रह गया।
बागेश्वर का कनाकटा पास ट्रेक: रोमांच और चुनौतियों का सफर, जानें पूरी जानकारी
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित कनाकटा पास ट्रेक हिमालय की सुंदरता देखने के लिए सबसे बेहतरीन जगहों में से एक है। इस ट्रेक को पूरा करने के लिए तैयारी और सावधानी बेहद आवश्यक है।