उत्तर प्रदेश
2 घंटे पहले
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किरायानामा बनवाने के लिए अब न तो रजिस्ट्री ऑफिस के बार-बार चक्कर लगाने पड़ेंगे और न ही वकीलों की झंझट उठानी होगी। व्यावसायिक उपयोग के लिए किरायानामा तैयार कराने वालों के लिए सरकार ने डिजिटल स्टांपिंग की नई व्यवस्था उपलब्ध करा दी है। इसके जरिए जरूरतमंद व्यक्ति घर बैठे ही मोबाइल की मदद से डिजिटल स्टांप जनरेट कर सकेंगे और अपने किरायानामे की प्रक्रिया को बेहद आसानी से पूरा कर सकेंगे।
दरअसल, सरकार की ओर से अब 12 महीने तक के किरायानामे के लिए डिजिटल व्यवस्था दी जा रही है, जो आम लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी। इससे पहले किरायानामा बनवाने के लिए स्टांप खरीदना पड़ता था और उसका प्रारूप तैयार करने के लिए किसी विशेषज्ञ या वकील की मदद लेनी होती थी। साथ ही रजिस्ट्री विभाग में भी लंबी भाग-दौड़ करनी पड़ती थी। अब इस परेशानी से छुटकारा मिलेगा और लोग 12 महीने तक के किरायानामे के लिए घर बैठे कंप्यूटर या मोबाइल से अपना डिजिटल स्टांप जनरेट कर सकेंगे तथा स्टांप शुल्क ऑनलाइन माध्यम से जमा कर सकेंगे।
ई-केवाईसी से होगा सत्यापन, अपने आप बनेगा किरायानामा प्रारूप
रजिस्ट्री विभाग के पोर्टल पर 12 महीने तक के किरायानामे विलेख की डिजिटल स्टांपिंग का विकल्प मौजूद रहेगा। इस विकल्प को चुनने के बाद आवेदक को दोनों पक्षकारों का आधार विवरण दर्ज करना होगा, जिसके आधार पर ई-केवाईसी के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा। सबसे बड़ी सुविधा यह है कि स्टांप तैयार करने का प्रारूप भी अपने आप जनरेट हो जाएगा, जिसके लिए वकील या कचहरी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
पोर्टल पर दिए गए विकल्प में अभिलेख की अवधि, मासिक किराया, प्राथमिक और अन्य जरूरी विवरण भरने होंगे। इन्हीं के आधार पर स्टांप शुल्क जनरेट होगा, जिसका भुगतान ऑनलाइन माध्यम से आसानी से किया जा सकेगा।
आधार आधारित डिजिटल साइनिंग से पूरी होगी प्रक्रिया
दर्ज की गई जानकारी के अनुसार किरायानामे का प्रारूप स्वतः तैयार हो जाएगा और तय स्टांप शुल्क का भुगतान करने के बाद दोनों पक्षकार आधार-आधारित हस्ताक्षर के जरिए अभिलेख का निष्पादन कर सकेंगे। इसके बाद उन्हें इसका प्रिंट आउट मिल सकेगा। इसके अलावा उपलब्ध कराए गए ईमेल पर भी किरायानामे की प्रति भेज दी जाएगी।
इस विषय पर जानकारी देते हुए सहायक आयुक्त निबंधक राजेश कुमार ने बताया कि डिजिटल स्टांपिंग की व्यवस्था लोगों के लिए बेहद फायदेमंद होगी। उन्होंने कहा कि इससे रजिस्ट्री विभाग में लोगों की भाग-दौड़ कम होगी और स्टांप तैयार कराने पर होने वाला खर्च भी बचेगा।
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