अयोध्या में दान चोरी विवाद के बाद भी रामलला के प्रति अटूट आस्था, श्रद्धालुओं ने की सीबीआई जांच की मांग उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 48
राम मंदिर में सामने आए कथित दान घोटाले के बावजूद अयोध्या में भक्तों का तांता लगा हुआ है। बिहार से आईं एक श्रद्धालु ने पांच हजार रुपये दान करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और सीबीआई जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है।

रामलला के प्रति भक्तों का अटूट विश्वास

अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर करोड़ों रामभक्तों की वर्षों की तपस्या और 500 वर्षों के इंतजार का फल है। मंदिर निर्माण के बाद से ही यहां आस्था का सैलाब उमड़ रहा है, लेकिन हाल ही में मंदिर में हुए कथित दान घोटाले ने देश भर में चिंता पैदा कर दी है। सात जून को सामने आए दान चोरी के मामले में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एसआईटी का गठन किया था, जिसकी जांच अब चर्चा का विषय बनी हुई है।

बिहार की श्रद्धालु ने की सीबीआई जांच की मांग

इस पूरे विवाद के बीच अयोध्या दर्शन के लिए पहुंची बिहार की एक श्रद्धालु ने अपनी आस्था का परिचय देते हुए रामलला के चरणों में पांच हजार रुपये दान किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि रामलला के प्रति उनकी निष्ठा में कोई कमी नहीं है, लेकिन मंदिर प्रशासन को पारदर्शिता बरतनी चाहिए। श्रद्धालु ने कहा कि इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए और यदि आवश्यक हो, तो सरकार को सीबीआई जांच के आदेश देने चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

श्रद्धालुओं की मुख्य चिंताएं

अयोध्या पहुंचने वाले अन्य भक्तों का भी यही मानना है कि मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और यहां मिलने वाला चढ़ावा भगवान के प्रति समर्पण का प्रतीक है। श्रद्धालुओं की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

  • मंदिर में दान की राशि का प्रबंधन पूरी तरह पारदर्शी होना चाहिए।
  • सामने आए अनियमितता के आरोपों की निष्पक्ष और निष्ठापूर्ण जांच हो।
  • दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भक्तों का विश्वास बना रहे।
  • जांच एजेंसियों की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

एसआईटी जांच पर टिकी नजरें

फिलहाल, एसआईटी की जांच प्रक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी हैं। भक्तों का कहना है कि वे अपनी श्रद्धा और दान देने की परंपरा को जारी रखेंगे, लेकिन वे यह भी सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके द्वारा अर्पित की गई पवित्र धनराशि का सही उपयोग हो। इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि भले ही व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हों, लेकिन रामलला के प्रति रामभक्तों का समर्पण और विश्वास पहले की तरह अटूट बना हुआ है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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