'दुर्गा पूजा' नहीं लिखने वाले कम्युनिस्टों को न लगाने दें स्टॉल: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का तीखा हमला पश्चिम बंगाल 2 घंटे पहले 5
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा में शिक्षा विधेयक और कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कम्युनिस्टों के स्टॉल और देश विरोधी नारे लगाने वालों को खुली चेतावनी दी है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा के भीतर राजनीतिक सरगर्मियां लगातार तेज हो रही हैं। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आगामी उपचुनावों को लेकर विपक्षी दलों पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेजीनगर सीट पर होने वाले उपचुनाव में मुकाबला बेहद कड़ा और दिलचस्प होने वाला है। उन्होंने विपक्षी खेमे को चुनौती देते हुए कहा कि इस चुनाव में 'भगवाधारी' क्या करके दिखाते हैं, यह देखने वाली बात होगी। इसके साथ ही, विधानसभा में पेश किए गए नए शिक्षा विधेयक का जिक्र करते हुए उन्होंने विपक्ष के विरोध पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि इस विधेयक की सही दिशा को समझते ही विरोधी दल आखिर इतना हंगामा क्यों मचा रहे हैं।

विश्वविद्यालयों का विकास और शिक्षकों के तबादले की नीति

शिक्षा क्षेत्र में सुधारों और बुनियादी ढांचे के विकास पर बात करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक बड़ा एलान किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार की तरफ से मिलकर जादवपुर यूनिवर्सिटी को लगभग 1300 करोड़ रुपये का बड़ा फंड दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के स्थानांतरण यानी तबादलों की नीति पर भी अपना रुख स्पष्ट किया।

गौरतलब है कि हाल ही में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दक्षिण कोलकाता के इलाके में एक भव्य 'गेरुआ सम्मान यात्रा' निकाली थी। जब यह रैली जादवपुर यूनिवर्सिटी के पास से गुजर रही थी, तब सुरक्षा कारणों या अन्य वजहों से विश्वविद्यालय का मुख्य दरवाजा पूरी तरह से बंद कर दिया गया था।

आठ विश्वविद्यालयों के स्टाफ का होगा ट्रांसफर, जो नाखुश हैं वे छोड़ें नौकरी

शिक्षकों के स्थानांतरण की व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुल 8 स्थापित विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और शैक्षणिक कर्मचारियों का तबादला किया जाएगा। उन्होंने इस फैसले का बचाव करते हुए तर्क दिया कि देश के अन्य राज्यों में भी सरकारी नियमों के तहत इस तरह के तबादलों का प्रावधान पहले से ही लागू है।

मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि अगर किसी कर्मचारी को इस नई व्यवस्था के तहत अपना तबादला पसंद नहीं आ रहा है या उन्हें इसकी जरूरत महसूस नहीं होती, तो वे अपनी नौकरी से इस्तीफा दे सकते हैं। वे चाहें तो अपना झोला उठाकर पूरी तरह से कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्णकालिक कार्यकर्ता बन सकते हैं। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भी किसी नए विश्वविद्यालय का निर्माण होगा, तो इन तथाकथित विद्वानों को वहीं भेजा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वामपंथी विचारधारा के लोग जानबूझकर भगवाधारियों को निशाना बना रहे हैं।

राष्ट्रविरोधी नारों पर कड़ा प्रहार

देश की अखंडता और संप्रभुता से समझौता न करने की बात दोहराते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अत्यंत सख्त लहजे में अपनी बात रखी। उन्होंने 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' जैसे नारों का जिक्र करते हुए चेतावनी दी, "अगर वे कहेंगे कि भारत तेरे टुकड़े होंगे, तो मैं उनके टुकड़े कर दूंगा।" राष्ट्र के खिलाफ इस्तेमाल होने वाले किसी भी तरह के अपशब्द या राष्ट्रविरोधी बयानों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई देशवासियों की आस्था और भरोसे को चोट पहुंचाने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कानून का डंडा सख्ती से चलेगा।

'एक देश, एक राज्य' के सिद्धांत पर जोर

शासन व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने पर अपनी राय रखते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार पूरे 5 साल के कार्यकाल के लिए चुनी जाती है। उन्होंने शासन को मजबूत बनाने के लिए 'एक देश, एक राज्य' की अवधारणा की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि यदि कोई अराजक तत्व सरकार की नीतियों का विरोध करेगा, तो सरकार भी शांत नहीं बैठेगी और अपना कड़ा रुख अख्तियार करेगी।

उन्होंने इस बात की भी जानकारी दी कि आलिया यूनिवर्सिटी से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी अब एक ही स्थान पर केंद्रित कर दिया गया है। शिक्षा से जुड़े नए विधेयक की तारीफ करते हुए उन्होंने घोषणा की कि वे इस बिल का पूरी तरह से समर्थन करते हैं। इस विधेयक के वास्तविक उद्देश्यों की तरफ इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने संक्षिप्त में कहा कि लोग अच्छी तरह जानते हैं कि यह कदम क्यों उठाया गया है, क्योंकि 'समझदारों के लिए तो सिर्फ एक छोटा सा इशारा ही काफी होता है।'

धार्मिक आस्था का अपमान करने वालों और कम्युनिस्टों को चेतावनी

हाल ही में भवानीपुर थाने के सामने कुछ शरारती तत्वों द्वारा एक पूजनीय साधु की तस्वीर को आग के हवाले करने की घटना सामने आई थी। इस संवेदनशील मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर यानी CP को सीधे निर्देश जारी किए हैं कि इस घिनौने कृत्य में शामिल सभी दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने विभिन्न स्थानों पर लगाए जाने वाले कम्युनिस्ट संगठनों के बुक स्टॉल को लेकर भी बेहद कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि त्योहारों के मौसम में यदि कम्युनिस्ट अपनी दुकानों या स्टॉल पर 'दुर्गा पूजा' शब्द का स्पष्ट उल्लेख नहीं करते हैं, तो उन्हें किसी भी कीमत पर अपना स्टॉल लगाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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