बाजार से ब्रोकली खरीदने की नहीं पड़ेगी जरूरत, गमले में ऐसे उगाएं ये हेल्दी सब्जी जीवनशैली 2 घंटे पहले 7
अगर आप बागवानी के शौकीन हैं तो अपने घर की छत या बालकनी में ब्रोकली उगाना बेहद आसान है। बस कुछ सरल चरणों का पालन करके आप ताजी और जैविक ब्रोकली का आनंद ले सकते हैं।

घर पर ब्रोकली उगाने का आसान तरीका

अगर आपको पेड़-पौधों से लगाव है और आप अपनी छत या बालकनी पर तरह-तरह के पौधे उगाना पसंद करते हैं, तो यह जानकारी आपके काफी काम की है। आजकल घर पर ही ताजी और शुद्ध सब्जियां उगाने का चलन काफी तेजी से बढ़ रहा है। ब्रोकली एक ऐसी पौष्टिक सब्जी है जिसे आप घर पर बहुत ही सरलता से उगा सकते हैं। इसे उगाने के लिए आपको बहुत अधिक मेहनत करने की आवश्यकता नहीं है, बस पौधों की देखभाल से जुड़े कुछ बुनियादी नियमों का ध्यान रखना जरूरी है। आइए, जानते हैं कि गमले में ब्रोकली उगाने की पूरी प्रक्रिया क्या है।

ब्रोकली की खेती के लिए आवश्यक टिप्स

  • सही कंटेनर का चुनाव करें: ब्रोकली उगाने के लिए सबसे पहले सही गमले या कंटेनर का चयन करना बेहद महत्वपूर्ण है। अगर आप इसे अपनी बालकनी में लगा रहे हैं, तो दस से बारह इंच गहरे कंटेनर का ही उपयोग करें। इतने बड़े कंटेनर में पौधे को जड़ फैलाने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है और ब्रोकली की पैदावार अच्छी होती है।
  • पौधा लगाने की सही प्रक्रिया: आप ब्रोकली को बीजों से भी उगा सकते हैं या फिर सीधे नर्सरी से इसका छोटा पौधा ला सकते हैं। पौधा लगाने के लिए गमले में अच्छी गुणवत्ता वाली मिट्टी लें और उसमें खाद, कोकोपीट और एक मुट्ठी नीम की खली अच्छी तरह मिलाएं। मिट्टी में थोड़ा गहरा गड्ढा करके पौधा लगाएं और चारों तरफ से मिट्टी को हल्के हाथों से दबा दें। इसके बाद पौधे को पर्याप्त मात्रा में पानी दें।
  • धूप का प्रबंधन: ब्रोकली के पौधों को ऐसी जगह रखें जहाँ उन्हें पर्याप्त धूप मिल सके। शुरुआती तीन से चार दिनों तक इन्हें सुबह और शाम की हल्की धूप ही दिखाएं। धीरे-धीरे पौधे को ऐसी जगह स्थानांतरित करें जहाँ दिन में कई घंटों की सीधी धूप आती हो। धूप मिलने के बाद आप देखेंगे कि ब्रोकली की पत्तियां तेजी से विकसित होने लगी हैं।
  • खाद और पोषण: पौधे की बेहतरीन वृद्धि के लिए समय-समय पर पोषण देना आवश्यक है। आप पंद्रह से बीस दिन के अंतराल पर सरसों की खली से बना लिक्विड फर्टिलाइजर पौधे में डालें। हार्वेस्टिंग तक नियमित रूप से इस तरल खाद का उपयोग करने से पौधे का विकास स्वस्थ रहता है। यदि पौधा सूखने लगे या उसकी चमक कम हो जाए, तो ये लिक्विड फर्टिलाइजर उसकी हरियाली वापस लाने में भी कारगर साबित होते हैं।
डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

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