पांच साल पुरानी कत्ल की गुत्थी सुलझी, दोस्तों ने होटल में बुलाकर मार डाला और शव बाइक समेत खाई में फेंका महाराष्ट्र एक महीने पहले 15
मुंबई क्राइम ब्रांच ने डेढ़ लाख रुपये के लेन-देन के विवाद में हुई अशपाक मुलाणी की हत्या का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने हत्या को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव और मोटरसाइकिल को फोंडा घाट की खाई में फेंक दिया था।

Ashpak Mulani Murder Case: मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट-7 ने पांच साल पुराने एक सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को हिरासत में लिया है। पड़ताल में पता चला कि डेढ़ लाख रुपये के लेन-देन को लेकर पैदा हुई रंजिश में दोस्तों ने ही अपने साथी की जान ले ली थी। इसके बाद सबूत मिटाने की नीयत से उन्होंने शव और मृतक की मोटरसाइकिल को महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले स्थित फोंडा घाट की गहरी खाई में गिरा दिया, ताकि पूरा मामला सड़क दुर्घटना जैसा दिखे।

लंबे समय से अटकी जांच में आई तेजी

क्राइम ब्रांच के डीसीपी नवनाथ ढवले के अनुसार, बरसों से अनसुलझे पड़े इस मामले की परतें अब एक-एक कर खुल गई हैं। छानबीन में सामने आया कि मृतक और आरोपियों के बीच लगभग डेढ़ लाख रुपये के लेन-देन को लेकर तनातनी चल रही थी, जो आगे चलकर हत्या में बदल गई।

खाई में मिला था शव और मोटरसाइकिल

पुलिस के मुताबिक, सिंधुदुर्ग जिले के कणकवली पुलिस स्टेशन में पांच साल पहले एक एक्सीडेंटल डेथ का मामला दर्ज हुआ था। इसी से जुड़ी गोपनीय सूचना मुंबई क्राइम ब्रांच को मिली कि कुछ लोगों ने अपने मित्र अशपाक मुलाणी उर्फ निहाल की हत्या कर उसके शव और मोटरसाइकिल को फोंडा घाट की खाई में फेंक दिया था। मृतक सोलापुर के मालशिरस का रहने वाला था।

डेढ़ लाख रुपये की रंजिश बनी वजह

मिली जानकारी के आधार पर संदिग्धों से पूछताछ शुरू की गई। इसमें खुलासा हुआ कि डेढ़ लाख रुपये के लेन-देन को लेकर अशपाक मुलाणी और आरोपियों के बीच विवाद चल रहा था। इसी कहासुनी के चलते आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत अशपाक को सिंधुदुर्ग जिले के कुडाल स्थित एक होटल में बुलाया।

हत्या को हादसे का रूप देने की कोशिश

पुलिस का कहना है कि देर रात सभी आरोपियों ने मिलकर अशपाक मुलाणी की हत्या कर दी। इसके बाद वारदात के निशान मिटाने के लिए शव और उसकी मोटरसाइकिल को फोंडा घाट की गहरी खाई में गिरा दिया गया, ताकि घटना सड़क हादसे जैसी लगे और किसी को हत्या का शक तक न हो।

जांच में सामने आए छह नाम

पूछताछ में जिन आरोपियों के नाम उजागर हुए हैं, उनमें मनोज नारायण भंडगे, सुखद सोनावडेकर, अतिश भगवान मोरे और ऋतुराज शेट्टी शामिल हैं। इसके अलावा इस मामले में दो अन्य सहयोगियों अमित राउत और मनोज भंडारी के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।

आरोपियों ने कबूला अपना जुर्म

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हत्या करने और सबूत मिटाने की साजिश में अपनी भागीदारी स्वीकार कर ली है। गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सिंधुदुर्ग जिले की कणकवली पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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