अरुणाचल प्रदेश में कुदरत का कहर, ताश के पत्तों की तरह ढह गए मकान राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 2
अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जहां तेज बहाव में कई घर बह गए और मुख्य राजमार्ग का पुल क्षतिग्रस्त हो गया है।

तबाही का खौफनाक मंजर

अरुणाचल प्रदेश के केई पन्योर क्षेत्र से सामने आई तस्वीरों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते यहां नदियां उफान पर हैं और बाढ़ का पानी हर उस चीज को अपने साथ बहा ले जा रहा है जो रास्ते में आ रही है। स्थानीय लोगों के लिए यह स्थिति किसी डरावने सपने से कम नहीं है।

ताश के पत्तों की तरह ढहे घर

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बाढ़ का पानी कितना शक्तिशाली है। पानी के तेज बहाव में कई मकान ताश के पत्तों की तरह ढहते हुए बह गए। इसके अलावा, इस बाढ़ ने बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। मुख्य राजमार्ग पर बना एक महत्वपूर्ण पुल पानी के जोरदार दबाव को नहीं झेल सका और ढह गया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

प्रशासन अलर्ट मोड पर

हालात को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने भी राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी और नालों के पास न जाने की हिदायत दी गई है। स्थानीय लोग वीडियो में एक-दूसरे को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए जागरूक करते हुए भी दिखाई दे रहे हैं।

मानसून का रौद्र रूप

पूर्वोत्तर भारत में मानसून के दस्तक देते ही मौसम का मिजाज बिगड़ गया है। अरुणाचल प्रदेश इस समय प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है और प्रशासन की पहली प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत कार्य तेज करने की है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और पूरी सावधानी बरतें।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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