डोनाल्ड ट्रंप ने नताली हार्प को दिए 42 लाख रुपये, व्हाइट हाउस में मचा हड़कंप और बढ़ी मेलानिया की नाराजगी विश्व एक घंटा पहले 4
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी करीबी सहायक नताली हार्प समेत तीन अधिकारियों को 45,000 डॉलर का भारी-भरकम कैश गिफ्ट देकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिस पर एथिक्स एक्सपर्ट्स ने सवाल उठाए हैं।

कैश गिफ्ट से मचा बवाल

अमेरिकी राजनीति के गलियारों में इस समय एक बड़ी चर्चा छिड़ी हुई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक फैसले ने व्हाइट हाउस से लेकर आम जनता तक हलचल मचा दी है। हाल ही में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी बेहद भरोसेमंद एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट नताली हार्प और उनके सहयोगियों को छुट्टियों के तोहफे के रूप में बड़ी राशि का नकद भुगतान किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह रकम 45,000 डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में करीब 42 लाख रुपये के बराबर है। इस घटनाक्रम ने न केवल सरकारी नैतिकता के दावों पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राष्ट्रपति की निजी जिंदगी और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप के साथ रिश्तों को लेकर भी अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है।

किसे मिली कितनी राशि

व्हाइट हाउस के रिकॉर्ड्स की जब सार्वजनिक जांच की गई, तो उसमें 'हॉलिडे कैश गिफ्ट' का विवरण स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। इस नकद उपहार को पाने वालों की सूची में प्रमुख नाम शामिल हैं:

  • नताली हार्प को 45,000 डॉलर का नकद पुरस्कार मिला।
  • कम्युनिकेशंस एडवाइजर मार्गो मार्टिन को 45,000 डॉलर मिले।
  • ओवल ऑफिस की डिप्टी डायरेक्टर चेम्बरलेन हैरिस को भी 45,000 डॉलर की राशि प्रदान की गई।
  • ओवल ऑफिस ऑपरेशन्स के डायरेक्टर वॉल्ट नौटा को 20,000 डॉलर का नकद तोहफा दिया गया।

सरकारी नियमों के अनुसार, व्हाइट हाउस के अधिकारियों के लिए अनिवार्य है कि वे उन्हें मिलने वाले किसी भी उपहार की आधिकारिक जानकारी साझा करें। इसी रिपोर्टिंग के दौरान इस भारी-भरकम कैश लेनदेन का खुलासा हुआ है, जिसने वाशिंगटन में राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है।

कौन हैं नताली हार्प

नताली हार्प वर्तमान में 35 वर्ष की हैं और व्हाइट हाउस में एक अत्यंत प्रभावशाली चेहरा मानी जाती हैं। उनकी कार्यशैली काफी अनूठी है, जिसके कारण वह हमेशा चर्चा में रहती हैं। नताली राष्ट्रपति ट्रंप के हर दौरे पर उनके साथ साए की तरह मौजूद रहती हैं और अपने साथ एक पोर्टेबल प्रिंटर लेकर चलती हैं। ट्रंप को जब भी किसी सोशल मीडिया पोस्ट या महत्वपूर्ण खबर को पढ़ने की आवश्यकता होती है, नताली तुरंत उसका प्रिंट निकालकर उन्हें सौंप देती हैं। ट्रंप की सोशल मीडिया ऐप ट्रुथ सोशल पर उनके विचार साझा करने की जिम्मेदारी भी नताली ही संभालती हैं। उनकी आधिकारिक सालाना सैलरी 1.3 करोड़ रुपये है, और इसके ऊपर मिले इस 42 लाख रुपये के अतिरिक्त कैश गिफ्ट ने लोगों को चौंका दिया है।

मेलानिया ट्रंप की नाराजगी और निजी समीकरण

नताली हार्प और ट्रंप की बढ़ती नजदीकियों को लेकर मीडिया में पहले भी खबरें आती रही हैं। हालिया रिपोर्ट्स का दावा है कि फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप इस स्थिति से काफी असहज और नाराज हैं। विवाद तब और गहरा गया जब मीडिया में ऐसी खबरें आईं कि ट्रंप ने अपने स्टाफ के सामने नताली की प्रशंसा करते हुए कथित तौर पर कहा था कि वह उनसे उतना ही प्यार करती हैं जितना कि मेलानिया करती हैं। इतना ही नहीं, नताली के कुछ व्यक्तिगत पत्रों का भी जिक्र किया गया है, जिनमें उन्होंने अपनी अटूट निष्ठा व्यक्त की थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में देखा गया कि जब मेलानिया ट्रंप अपने पति के पास खड़ी थीं, तो सीक्रेट सर्विस के सुरक्षाकर्मियों ने नताली हार्प को राष्ट्रपति से एक निश्चित दूरी पर बनाए रखा। हालांकि, आधिकारिक तौर पर व्हाइट हाउस ने इन सभी दावों को कोरी अफवाह करार दिया है।

अन्य सहयोगियों का कार्यक्षेत्र

कैश गिफ्ट पाने वाली सूची में शामिल मार्गो मार्टिन ट्रंप की पुरानी सहयोगी हैं, जो 2020 के चुनावों के बाद से फ्लोरिडा में ट्रंप का मीडिया कार्य संभाल रही हैं। वहीं, चेम्बरलेन हैरिस व्हाइट हाउस के नए बॉलरूम प्रोजेक्ट की कमान संभाल रही हैं। इन दोनों अधिकारियों की सालाना सैलरी 1,50,000 डॉलर है। इसी तरह, ट्रंप के निजी सहायक वॉल्ट नौटा को 20,000 डॉलर का भुगतान किया गया है, जिनकी सालाना सैलरी 1,75,000 डॉलर है।

व्हाइट हाउस का बचाव

विवाद को बढ़ता देख व्हाइट हाउस ने आधिकारिक बयान जारी कर इसे सामान्य प्रक्रिया बताया है। अधिकारियों का तर्क है कि डोनाल्ड ट्रंप की यह बहुत पुरानी आदत रही है। अपने व्यावसायिक करियर के दौरान भी वे क्रिसमस के अवसर पर अपने कर्मचारियों को बोनस के तौर पर उपहार दिया करते थे। व्हाइट हाउस का कहना है कि ये उपहार उनकी सरकारी जिम्मेदारियों से बिल्कुल अलग हैं और इनका सरकारी नियमों के उल्लंघन से कोई संबंध नहीं है। हालांकि, प्रशासन ने इस प्रश्न का उत्तर नहीं दिया कि क्या इसी तरह का नकद लिफाफा निचले स्तर के अन्य कर्मचारियों को भी दिया गया है या नहीं।

एथिक्स एक्सपर्ट्स की चेतावनी

दूसरी ओर, एथिक्स एक्सपर्ट्स इसे कानूनी दृष्टिकोण से गलत ठहरा रहे हैं। पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के समय में एथिक्स वकील रह चुके रिचर्ड पेंटर के मुताबिक, यह मामला अमेरिकी सरकारी नियमों का सीधा उल्लंघन हो सकता है। कानून के अनुसार, कोई भी सरकारी कर्मचारी अपनी निर्धारित सैलरी के अलावा किसी अन्य स्रोत से नकद राशि स्वीकार नहीं कर सकता। इसके अलावा, पूर्व एथिक्स डायरेक्टर डॉन फॉक्स का मानना है कि राष्ट्रपति से इतना बड़ा नकद तोहफा मिलने के बाद अधिकारियों की निष्ठा पर सवाल उठ सकते हैं। इससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना कठिन हो जाता है। वर्तमान में विपक्ष ने इस मुद्दे को पूरी तरह से हवा दी है और ट्रंप प्रशासन से इस मामले में स्पष्ट जवाब मांगा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में यह राजनीतिक संकट ट्रंप की छवि को कितना प्रभावित करता है और क्या इस पर कोई कानूनी कार्रवाई की जाती है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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