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एक घंटा पहले
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अमेरिका का B-2 52 स्पिरिट बॉम्बर दुनिया के सबसे उन्नत और सबसे खतरनाक स्टील्थ विमानों में गिना जाता है. इसकी डिजाइन और तकनीक इसे ऐसे हालात में भी कारगर बनाती है, जहां दुश्मन का हवाई सुरक्षा तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो.
क्यों है यह विमान इतना घातक
इस बॉम्बर की रेंज 11 हजार किलोमीटर है और यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है. इसमें लगी राडार को चकमा देने वाली तकनीक के चलते यह बिना पकड़ में आए लंबी दूरी तय कर सकता है. यही खूबियां इसे बेहद खतरनाक बना देती हैं.
दुश्मन के ठिकानों पर सटीक प्रहार
B-2 बिना दिखाई दिए दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम, परमाणु ठिकानों और जमीन के नीचे बने बंकरों तक को निशाना बना सकता है. यह विमान करीब 40 हजार पाउंड हथियार लेकर उड़ान भरने की क्षमता रखता है.
हवा में ईंधन भरने के बाद बढ़ती ताकत
हवा में ही ईंधन भरे जाने के बाद इस बॉम्बर की रेंज बढ़कर 19 हजार किलोमीटर तक पहुंच जाती है. इसी वजह से अमेरिकी सेना इसे 'फर्स्ट स्ट्राइक वेपन' के रूप में देखती है.
अमेरिकी परमाणु ताकत का अहम हिस्सा
यह विमान अमेरिका की परमाणु क्षमता की रीढ़ माना जाता है और दुनिया के सबसे महंगे लड़ाकू विमानों में शामिल है. चीन और रूस जैसे ताकतवर देश भी इसकी स्टील्थ तकनीक को अपने लिए एक बड़ी चुनौती मानते हैं.
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