दुर्गापुर: एंबुलेंस चालक से जबरन वसूली और मारपीट का आरोप, टीएमसी के पूर्व पार्षद पर घिरे संकट के बादल पश्चिम बंगाल 8 घंटे पहले 2
दुर्गापुर में एक एंबुलेंस चालक ने पूर्व तृणमूल पार्षद पर हर महीने 10 हजार रुपये की रंगदारी मांगने और मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है, जिसके बाद से इलाके में राजनीतिक गहमागहमी तेज हो गई है।

पूर्व पार्षद पर लगे गंभीर आरोप

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर इलाके में गांधी मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल के बाहर सेवा देने वाले एंबुलेंस चालक मानिक धीबर ने पूर्व पार्षद हीरालाल बाउरी के खिलाफ संगीन आरोप लगाए हैं। मानिक का कहना है कि जब क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस का वर्चस्व था, उस दौरान उन्हें हीरालाल बाउरी को हर महीने 10 हजार रुपये की रकम देनी पड़ती थी। चालक का दावा है कि इस रंगदारी के डर से वह नियमित रूप से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए यह राशि पूर्व पार्षद तक पहुंचाते थे।

मारपीट और धमकी का सनसनीखेज मामला

मानिक धीबर के मुताबिक, राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव आने के बाद उन्होंने यह अवैध वसूली देना बंद कर दिया था। चालक ने आरोप लगाया कि हाल ही में पूर्व पार्षद ने नशे की हालत में उनके साथ हाथापाई की और उन्हें सड़क पर गिराकर बुरी तरह पीटा। पीड़ित का यह भी कहना है कि आरोपी ने उन्हें खुलेआम धमकी दी है कि दुर्गापुर पश्चिम के भाजपा विधायक लक्ष्मण चंद्र घोड़ुई भी उनकी सुरक्षा करने में सक्षम नहीं होंगे। इस घटना के बाद से चालक और उसका परिवार दहशत में है और उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोपी पूर्व पार्षद हीरालाल बाउरी ने सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार दिया है। वहीं दूसरी ओर, भाजपा विधायक लक्ष्मण चंद्र घोड़ुई ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। विधायक ने स्पष्ट कहा है कि यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं, तो पुलिस को बिना किसी देरी के आरोपी को गिरफ्तार करना चाहिए।

प्रशासन की कार्रवाई और सख्त रुख

पीड़ित एंबुलेंस चालक ने इस संबंध में पुलिस अधिकारियों को ई-मेल के जरिए औपचारिक शिकायत भेजी है। प्रशासन अब इस मामले की जांच में जुट गया है कि सच्चाई क्या है। इस बीच, भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार का रुख भी स्पष्ट नजर आ रहा है। पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराते हुए कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति कानून से बड़ा नहीं है। सरकार की ओर से प्रशासनिक विभागों को सख्त चेतावनी दी गई है कि जबरन वसूली या भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार एक पारदर्शी और निष्पक्ष प्रशासन देने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप