उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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कोचिंग सेंटर पर प्रशासनिक कार्रवाई
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पूरे राज्य में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा और मानकों की सघन जांच की जा रही है। इसी क्रम में प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सिविल लाइंस स्थित खान ग्लोबल क्लासेस को सील कर दिया है। यह कार्रवाई प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ऋषि राज के निर्देशों पर की गई है।
सीलिंग की प्रक्रिया और चेतावनी
प्रवर्तन टीम ने जोन संख्या एक के जोनल अधिकारी गंगेश कुमार सिंह के नेतृत्व में कोचिंग केंद्र पहुंचकर वहां मौजूद छात्रों को बाहर निकाला और कार्यालय को बंद करवाया। भवन को सील करने के बाद प्रशासन ने वहां एक नोटिस भी चस्पा किया है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोचिंग संचालक बिना अनुमति के सील को तोड़ते हैं या दोबारा संचालन शुरू करने का प्रयास करते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज की जाएगी।
क्यों की गई यह कार्रवाई?
अधिकारियों के अनुसार, खान ग्लोबल क्लासेस जिस इमारत में चल रहा था, उसका नक्शा व्यावसायिक उपयोग के लिए स्वीकृत था। हालांकि, कोचिंग का संचालन सामुदायिक सेवा की श्रेणी में आता है, जिसके लिए आवश्यक अनुमति या भू-उपयोग की स्वीकृति नहीं ली गई थी। इसी मानक उल्लंघन के कारण भवन को सील किया गया है।
अन्य संस्थानों पर भी संकट
प्रशासन की जांच का दायरा केवल एक कोचिंग तक सीमित नहीं है। पीडीए की टीम ने मेजर कल्सी क्लासेस और ध्येय आईएएस सहित कई अन्य कोचिंग संस्थानों में भी छापेमारी की है। इन सभी स्थानों पर मानकों में कमी पाई गई है। प्रशासन ने प्रयागराज में लगभग 50 ऐसे कोचिंग संस्थानों को चिह्नित किया है जिनकी जांच की जा रही है।
जांच के मुख्य बिंदु
प्रयागराज विकास प्राधिकरण कोचिंग संस्थानों में निम्नलिखित दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों की अनिवार्य जांच कर रहा है:
- भवन का स्वीकृत मानचित्र और भू-उपयोग प्रमाण पत्र।
- अग्नि सुरक्षा विभाग से प्राप्त एनओसी।
- विद्युत सुरक्षा संबंधी प्रमाण पत्र।
- लिफ्ट के संचालन की अनुमति और सुरक्षा जांच।
उल्लेखनीय है कि लगभग एक महीने पहले भी प्राधिकरण ने एग्जाम पुर, सुपर क्लाइमैक्स और टारगेट ऑन जैसे बड़े संस्थानों को सील किया था।
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