उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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विचारों
शादी की खुशियां मातम में बदलीं
लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड ने एक ऐसे जोड़े की दुनिया उजाड़ दी, जो जल्द ही विवाह के बंधन में बंधने वाले थे। हादसे में जान गंवाने वाले 27 वर्षीय नीलेश कुमार और 30 वर्षीय अनामिका सामंत की शादी इसी दिसंबर के महीने में तय हुई थी। दोनों परिवारों में उत्सव की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन एक आग ने सब कुछ राख कर दिया। अनामिका उसी इमारत में काम करती थी जहां आग लगने से कुल 15 लोगों की जान गई है।
प्रशासन की लापरवाही पर सवाल
पीड़ित परिवार का आरोप है कि यदि सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन ने पहले ही सख्ती बरती होती, तो शायद यह नौबत नहीं आती। नीलेश के भाई अभिषेक ने बताया कि साल 2016 में ही अगर इस इमारत को सील कर दिया गया होता, तो आज उनका भाई सुरक्षित होता। शोकाकुल परिवार ने घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अभिषेक का कहना है कि उनकी मांग केवल न्याय की है ताकि किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।
पिता का छलका दर्द
बेटे को खोने के बाद नीलेश के पिता शत्रुहन लाल पूरी तरह टूट चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से तीखे सवाल करते हुए कहा कि क्या कोई भी सरकारी मदद या कार्रवाई उनके बेटे की मौत की भरपाई कर सकती है। शत्रुहन लाल ने भावुक होते हुए बताया कि उनका बेटा रोज की तरह मुस्कराते हुए घर से निकला था, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि वे उसे आखिरी बार देख रहे हैं। बेटे की आखिरी तस्वीर अब उनकी आंखों में हमेशा के लिए बस गई है।
अग्निकांड का भयावह मंजर
इस हादसे ने कई परिवारों के चिराग बुझा दिए हैं। नीलेश और अनामिका की प्रेम कहानी और उनके सुनहरे भविष्य के सपने जलकर खाक हो गए। दोनों के परिवारों ने हाल ही में शादी को लेकर औपचारिक बातचीत पूरी की थी और घर में शहनाइयां बजने का इंतजार था, लेकिन सोमवार की सुबह आई खबर ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। अब दोनों परिवारों के घर में मातम पसरा हुआ है और एक साथ उठी अर्थियों ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।
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