अल्बानिया में हिंसक प्रदर्शनों से मचा कोहराम, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में 132 जवान घायल विश्व एक घंटा पहले 5
अल्बानिया की राजधानी तिराना में सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है, जहां नाराज भीड़ ने पुलिस पर पेट्रोल बम से हमले किए और सरकारी संपत्तियों को निशाना बनाया।

तिराना में भड़की हिंसा और तनाव

अल्बानिया की राजधानी तिराना वर्तमान में अशांति और हिंसक विरोध प्रदर्शनों की चपेट में है। शहर में जारी प्रदर्शनों का आज छठा दिन है, लेकिन हालात सुधारने के बजाय और अधिक बिगड़ते जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने उग्र रुख अपनाते हुए पुलिस पर न केवल पथराव किया, बल्कि पेट्रोल बम और स्मोक बमों का इस्तेमाल कर सुरक्षा बलों को चुनौती दी है। शहर की सड़कों पर हर तरफ धुआं और अफरातफरी का माहौल देखा जा रहा है।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई और सरकारी संपत्ति को नुकसान

प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल ने भी मोर्चा संभाल लिया है। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और वॉटर कैनन का जमकर इस्तेमाल किया। स्थिति बेकाबू होने पर पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा। इस दौरान कई स्थानों पर प्रदर्शनकारी सीधे पुलिस से भिड़ते दिखाई दिए। हिंसा की चपेट में आकर सरकारी इमारतों, बैंकों और दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रदर्शनकारियों ने दुकानों के शीशे तोड़े और कई स्थानों पर आगजनी की घटनाओं को भी अंजाम दिया।

छात्रों के शामिल होने से बढ़ा आंदोलन

यह आंदोलन तब और अधिक घातक हो गया जब इसमें हाई स्कूल और यूनिवर्सिटी के छात्र बड़ी संख्या में शामिल हो गए। प्रधानमंत्री एडि रामा ने इस पूरे घटनाक्रम के पीछे किसी बाहरी साजिश की आशंका जताई है। उन्होंने दावा किया कि दो दिन पहले ही सुरक्षा बलों ने एक ऐसे ड्रोन को मार गिराया है, जिसमें विस्फोटक लदे हुए थे। इस ड्रोन का लक्ष्य प्रधानमंत्री कार्यालय का इनर कोर्टयार्ड था, ताकि भारी तबाही मचाई जा सके। एडि रामा ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की हिंसक मानसिकता छात्रों की नहीं हो सकती और यह किसी बाहरी ताकत का षड्यंत्र है।

प्रदर्शनकारियों की मांग और सरकार का रुख

प्रदर्शनकारी मुख्य रूप से शिक्षा व्यवस्था की बदहाली, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के विरोध में प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, अब तक कुल 167 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि हिंसक झड़पों में 132 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। एडि रामा, जो वर्ष 2013 से सत्ता में हैं और अपना चौथा कार्यकाल पूरा कर रहे हैं, ने प्रदर्शनकारियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। हालांकि, उन्होंने अपना इस्तीफा देने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है और शांतिपूर्ण चर्चा का आह्वान किया है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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