बारिश का पानी बना किसानों का सहारा! अजमेर के गांवों में बदला जल का परिदृश्य, केंद्रीय योजना से मिली राहत राजस्थान एक घंटा पहले 2
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत अजमेर जिले के गांवों में करोड़ों रुपए की लागत से जल संरक्षण और सिंचाई के कार्य हुए हैं, जिससे भूजल स्तर सुधरा और किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो रहा है।

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) के अंतर्गत अजमेर जिले के अलग-अलग गांवों में करोड़ों रुपए की लागत से जल संरक्षण और सिंचाई से जुड़े कई विकास कार्य पूरे किए गए हैं। इन प्रयासों से एक ओर जहां ग्रामीण इलाकों में पानी की उपलब्धता में बढ़ोतरी हुई है, वहीं वर्षा जल को सहेजने और भूजल स्तर को सुधारने की दिशा में भी उल्लेखनीय नतीजे सामने आने लगे हैं।

टिकावड़ा में हुए जल संरक्षण के कार्य

वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के अजमेर जिला नोडल अधिकारी शलभ टंडन ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत जिले में विभिन्न जल संरचनाओं का निर्माण कराया गया है। योजना के अंतर्गत टिकावड़ा गांव में वाटर रिचार्ज शाफ्ट, टैंक, जल संरक्षण संरचनाएं और वर्षा जल संचयन के कार्य किए गए हैं। इनसे बरसात के पानी को संरक्षित कर भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिल रही है।

दूसरे चरण में चल रही परियोजना

शलभ टंडन ने बताया कि फिलहाल योजना का दूसरा चरण संचालित किया जा रहा है। यह एक अहम परियोजना है, जिसके लिए करोड़ों रुपए का बजट मंजूर किया गया है। इस योजना को केंद्र सरकार का सहयोग प्राप्त है और इसका मकसद हर खेत तक पानी पहुंचाने के साथ-साथ जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है।

उन्होंने यह भी बताया कि योजना के तहत हाईवे क्षेत्रों में जल निकासी और जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पुलियों का निर्माण कराया गया है, ताकि वर्षा जल का बेहतर उपयोग हो सके और पानी को सहेजकर भूजल पुनर्भरण में मदद मिल सके।

किसानों और आम लोगों को मिल रही राहत

नोडल अधिकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के जरिए अजमेर जिले में जल संरक्षण की दिशा में हो रहे कार्य ग्रामीणों के लिए राहत का बड़ा कारण बने हैं। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होने के साथ-साथ आने वाले समय की जल जरूरतों को सुरक्षित रखने में भी मदद मिल रही है।

यह योजना केंद्र सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसे वर्ष 2015 में शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा देना, जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करना और कृषि उत्पादन को बढ़ाना है। जमीनी स्तर पर यह योजना 'हर खेत को पानी' और 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' के लक्ष्य को साकार करती दिखाई दे रही है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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