पपीते के पेड़ पर फलों की बहार लाने के लिए अपनाएं ये आसान घरेलू नुस्खे भारत एक घंटा पहले 6
अगर आपके पपीते के पौधे में फल नहीं आ रहे या विकास रुक गया है, तो महंगी खाद के बजाय इन आसान देसी उपायों और सही देखभाल से उसे हरा-भरा बनाया जा सकता है।

पपीते की बंपर पैदावार के लिए जरूरी पोषण

आज के समय में चाहे घर की छत हो, आंगन का छोटा सा कोना हो या फिर खेतों की विशाल जमीन, पपीते का पौधा हर जगह अपनी जगह बना रहा है। पपीता न केवल सेहत के लिए अमृत के समान है, बल्कि यह किसानों के लिए आय का एक बड़ा और भरोसेमंद जरिया भी है। पपीता एक ऐसी फसल है जो पूरे 12 महीने फल देती है। हालांकि, कई बार माली या किसान यह शिकायत करते हैं कि काफी मेहनत करने के बावजूद उनके पपीते के पेड़ खाली नजर आते हैं या उन पर फल नहीं लगते। यदि आपके पेड़ की विकास दर धीमी है या फल आने में देरी हो रही है, तो इसके पीछे पोषक तत्वों की कमी, पानी के गलत प्रबंधन या धूप की कमी मुख्य कारण हो सकते हैं। सही मात्रा में देसी खाद और जैविक पोषक तत्वों का उपयोग करके इस समस्या से निजात पाई जा सकती है।

डॉक्टर शंकर सिंह राठौड़ की सलाह

भीलवाड़ा कृषि विभाग के उद्यान विभाग के डॉक्टर शंकर सिंह राठौड़ के अनुसार, पपीता एक लाभदायक फसल है, लेकिन इसका उत्पादन तभी संभव है जब पौधे को उचित देखभाल मिले। अक्सर लोग पपीते को बहुत अधिक नाइट्रोजन दे देते हैं, जिससे पत्तियां तो खूब बड़ी हो जाती हैं, लेकिन पौधों में फूल आने की प्रक्रिया काफी पिछड़ जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पपीते के पौधे में खाद डालने से पहले मिट्टी की हल्की गुड़ाई करना बहुत आवश्यक है ताकि जड़ों तक हवा और पोषण पहुंच सके। खाद डालने के बाद हमेशा पानी देना चाहिए ताकि वह मिट्टी में अच्छी तरह घुल मिल जाए।

देसी खाद का जादू

पपीते को पोषण देने के लिए आपको बाजार के महंगे रसायनों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। डॉक्टर शंकर सिंह राठौड़ ने कुछ प्रभावी उपाय सुझाए हैं:

  • गोबर की खाद और वर्मीकंपोस्ट: पपीते की अच्छी ग्रोथ के लिए सड़ी हुई गोबर की खाद और वर्मीकंपोस्ट सबसे उत्तम माने जाते हैं। आप हर 15 से 20 दिन के अंतराल पर अपने पौधे को इनकी एक निश्चित मात्रा दे सकते हैं।
  • सरसों की खली: पौधों को मजबूत बनाने के लिए सरसों की खली का उपयोग करना भी एक अच्छा विकल्प है।
  • केले के छिलके और सीवीड खाद: फूलों और फलों की संख्या बढ़ाने के लिए केले के छिलकों से तैयार पानी या बाजार में मिलने वाली सीवीड खाद का छिड़काव बेहद फायदेमंद होता है। हालांकि, इनका इस्तेमाल करने से पहले पैकेज पर लिखे निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और मात्रा का सही चुनाव करें।

कीट नियंत्रण और देखभाल

यदि आपके पपीते के पौधे की पत्तियां पीली पड़ रही हैं या सिकुड़ रही हैं, तो यह वायरस या कीटों का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में, प्रभावित पत्तियों को तुरंत हटा दें और पूरे पौधे की अच्छी तरह जांच करें। किसी भी रासायनिक कीटनाशक की जगह नीम आधारित कीटनाशक का उपयोग करना सबसे सुरक्षित और प्रभावी होता है। याद रखें कि कोई भी उपचार शुरू करने से पहले उस पर दिए गए लेबल और निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।

सही किस्म और पौधे की पहचान

पपीते के पौधों में मुख्य रूप से तीन प्रकार होते हैं जिनमें नर, मादा और उभयलिंगी शामिल हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि केवल मादा और उभयलिंगी पौधों में ही फल लगते हैं। नर पौधों में फल नहीं आते, इसलिए नर्सरी से पौधा खरीदते समय हमेशा अच्छी किस्म और सही प्रकार का चयन करना चाहिए। यदि आप घर पर ही पौध तैयार करना चाहते हैं, तो अच्छी गुणवत्ता वाले बीजों का ही उपयोग करें। पौध तैयार करने के लिए आप 50 प्रतिशत बगीचे की मिट्टी, 30 प्रतिशत सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट और 20 प्रतिशत कोकोपीट या रेत को मिलाकर एक संतुलित मिश्रण तैयार कर सकते हैं। इसमें थोड़ी मात्रा में नीम खली मिलाना भी पौधे को फफूंद से बचाने के लिए अच्छा रहता है।

गमले और धूप की जरूरत

यदि आप पपीता गमले में लगा रहे हैं, तो इसके लिए कम से कम 24 इंच का गमला या ग्रो बैग का चुनाव करें। पपीता धूप का प्रेमी पौधा है, इसलिए इसे ऐसी जगह रखें जहां दिन भर में कम से कम 4 से 6 घंटे की सीधी और अच्छी धूप मिल सके। पर्याप्त धूप न केवल पौधे के तने को मजबूती देती है, बल्कि यह फूल आने और फलों के विकास में भी निर्णायक भूमिका निभाती है। सही देखभाल, संतुलित पोषण और पर्याप्त धूप का तालमेल ही आपके पपीते के पौधे को फला-फूला बनाए रखने में मदद करेगा।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप