भारत
एक घंटा पहले
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उम्मीदों पर फिरा पानी
प्याज की खेती करने वाले किसानों के लिए यह खबर बेहद निराश करने वाली है। कृषि विभाग द्वारा संचालित एक विशेष अनुदान योजना के तहत राज्य भर के करीब 30,000 किसानों ने पूरी उम्मीद के साथ आवेदन फॉर्म भरे थे। हालांकि, सरकारी बजट की कमी और चयन की कड़े मानकों के चलते अब स्थिति बदल गई है। ताजा जानकारी के अनुसार, इन हजारों आवेदनों में से केवल 600 किसानों को ही अनुदान का लाभ प्राप्त हो सकेगा।
बढ़ती लागत और घटती राहत
इस फैसले के बाद से प्याज उत्पादकों में काफी हताशा है। किसानों का तर्क है कि खेती की लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और बाजार में प्याज के दाम भी स्थिर नहीं रहते, जिससे उन्हें पहले ही भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सीमित संख्या में अनुदान मिलना उनकी परेशानियों को और अधिक बढ़ा रहा है। कृषि क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि अगर सरकार भविष्य में इस योजना के लिए बजट का दायरा बढ़ाती है, तो ही बड़ी संख्या में जरूरतमंद किसानों को इसका वास्तविक लाभ मिल पाएगा और वे इस संकट से उबर सकेंगे।
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