पंजाब कांग्रेस का बड़ा कदम: पूर्व विधायक मदन लाल जलालपुर को थमाया कारण बताओ नोटिस पंजाब एक घंटा पहले 2
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त रुख अपनाया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ टिप्पणी करने पर पूर्व विधायक मदन लाल जलालपुर को स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।

पार्टी की अंदरूनी कलह पर लगाम कसने की तैयारी

पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। इसी बीच कांग्रेस ने अपनी राज्य इकाई में अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। कांग्रेस की पंजाब इकाई की अनुशासनात्मक समिति ने सोमवार को घनौर के पूर्व विधायक मदन लाल जलालपुर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ सार्वजनिक रूप से अपमानजनक बयान देने का आरोप है। यह कार्रवाई उस समय हुई है जब पार्टी आलाकमान राज्य में चल रहे आंतरिक असंतोष को नियंत्रित करने की पुरजोर कोशिश कर रहा है।

वरिष्ठ नेताओं पर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी

पंजाब कांग्रेस की अनुशासनात्मक समिति के अध्यक्ष अवतार हेनरी द्वारा जारी इस नोटिस में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि पार्टी को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी से इस संबंध में एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मदन लाल जलालपुर ने मीडिया के सामने बातचीत करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के.सी. वेणुगोपाल और भूपेश बघेल के विरुद्ध बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था।

कार्यकर्ताओं में रोष, अनुशासनहीनता का आरोप

नोटिस के साथ उस वीडियो रिकॉर्डिंग को भी सबूत के तौर पर संलग्न किया गया है जिसमें जलालपुर कथित टिप्पणी कर रहे हैं। समिति का कहना है कि पूर्व विधायक के इन बयानों से न केवल पार्टी के पदाधिकारी बल्कि जमीनी स्तर के कार्यकर्ता भी काफी आहत हुए हैं। समिति ने इस आचरण को सीधे तौर पर अनुशासनहीनता का मामला माना है।

3 दिन में मांगा गया जवाब

पार्टी ने मदन लाल जलालपुर को अपने बचाव में 3 दिन के भीतर लिखित जवाब देने का सख्त निर्देश दिया है। यदि वे इस समय सीमा के अंदर स्पष्टीकरण नहीं देते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। जब इस मुद्दे पर जलालपुर का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका मोबाइल फोन बंद मिला।

चंडीगढ़ में गुटबाजी को सुलझाने पहुंचे भूपेश बघेल

यह नोटिस ऐसे नाजुक दौर में जारी हुआ है जब कांग्रेस के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल राज्य में गुटबाजी और संगठनात्मक विवादों को हल करने के लिए चंडीगढ़ में डेरा डाले हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा पार्टी प्रभारी से मिले बिना ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए, जो पार्टी में जारी तनाव को दर्शाता है।

नेताओं की बैठक से बढ़ी हलचल

वहीं दूसरी ओर, प्रदेश अध्यक्ष पद पर चरणजीत सिंह चन्नी के नाम को लेकर चल रही चर्चा के बीच कई मौजूदा और पूर्व विधायकों ने मोहाली में एक बैठक की। इस बैठक को प्रदेश कांग्रेस के भीतर बढ़ते गुटों और खेमेबाजी के एक और संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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