Aaj Ka Mausam: IMD की चेतावनी! अगले 7 दिनों तक तूफान का कहर, 60 KMPH की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, दिल्ली से बिहार तक भारी बारिश का अलर्ट राष्ट्रीय राजनीति 2 घंटे पहले 2
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने देश के बड़े हिस्से के लिए अगले 7 दिनों का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है, जिसमें दिल्ली, यूपी और बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। मानसून की सक्रियता और निम्न दबाव के क्षेत्रों के कारण बाढ़ और जलभराव का संकट और गहरा सकता है।

देशभर में मौसम का मिजाज और बाढ़ का संकट

देश के कई राज्यों में जारी मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है, जहां नेपाल से आने वाले बरसाती पानी के कारण नदियां उफान पर हैं। गंगा, पुनपुन और गंडक जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने से बक्सर से लेकर पटना, मुंगेर और भागलपुर तक के लाखों लोग बाढ़ की विभीषिका झेलने को मजबूर हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले 7 दिनों के लिए एक बार फिर सख्त अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का दौर जारी रहने की प्रबल संभावना है, जिससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है।

अल नीनो का साया और मानसून की स्थिति

पिछले कुछ समय से चर्चा का केंद्र बने 'अल नीनो' को मानसून का दुश्मन माना जा रहा है। इसे लेकर देश भर में चिंताएं बनी हुई हैं क्योंकि इसके सक्रिय होने से मानसून की गति प्रभावित होती है और बारिश औसत से काफी कम हो जाती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार प्रशांत महासागर में अल नीनो दशकों बाद काफी शक्तिशाली रूप में सक्रिय हुआ है, जिससे सूखे, अकाल और पेयजल की भारी किल्लत की आशंकाएं जताई जा रही हैं। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में लगातार बन रहे निम्न दबाव के नए सिस्टम ने फिलहाल भारत में मानसून को बनाए रखा है, जिससे अल नीनो का प्रभाव अभी तक बहुत अधिक स्पष्ट नहीं हुआ है और देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हो रही है।

अगले 7 दिनों का व्यापक पूर्वानुमान

IMD द्वारा जारी किए गए आगामी 7 दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के क्षेत्रों में बने निम्न दबाव के प्रभाव से उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 7 सितंबर को उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और भारी बारिश की प्रबल संभावना है। इसके अलावा 10 से 12 सितंबर के बीच भी उत्तराखंड में बारिश की गतिविधियां फिर से तेज हो सकती हैं।

क्षेत्रवार बारिश का ब्योरा

मौसम विभाग ने अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों के लिए विस्तृत चेतावनी जारी की है:

  • उत्तर-पश्चिम भारत: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 सितंबर तक बारिश जारी रहेगी। पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है।
  • मध्य भारत: पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 सितंबर को व्यापक बारिश के बाद 11 से 12 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 8 सितंबर और 11-12 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। विदर्भ में 10 से 12 सितंबर और छत्तीसगढ़ में 8 से 12 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी।
  • पूर्वी भारत: पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में 7 से 10 सितंबर, झारखंड में 8 से 11 सितंबर और ओडिशा में 10 से 12 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश का दौर बना रहेगा।
  • पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल प्रदेश में 7 से 12 सितंबर तक, जबकि असम और मेघालय में 8 तथा 11-12 सितंबर को बारिश की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 12 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश की संभावना है।

पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और शहरी जलभराव का खतरा

उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी के कारण स्थानीय प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। भारी बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन यानी लैंडस्लाइड की घटनाएं होने का खतरा बढ़ गया है, जिससे यातायात बाधित हो सकता है। नदियों और नालों के जलस्तर में अचानक उछाल आने से तटीय इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसके अलावा मैदानी इलाकों में जलभराव की समस्या भी आम जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।

तूफानी हवाओं और बवंडर की चेतावनी

केवल बारिश ही नहीं, बल्कि तेज हवाएं भी इस बार बड़ा खतरा बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ चुनिंदा राज्यों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। विशेष रूप से दक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जो कभी-कभी 60 किलोमीटर प्रति घंटे के झोंकों तक पहुंच सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी 7 सितंबर को गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

दक्षिण भारत में मानसून का कमजोर रुख

एक ओर जहां उत्तर और मध्य भारत में भारी बारिश हो रही है, वहीं दक्षिण भारत में अगले 6 से 7 दिनों के दौरान मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर बनी रहने की उम्मीद है। हालांकि, तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में अलग-अलग स्थानों पर छिटपुट बारिश की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश का अनुमान बना हुआ है, जो स्थानीय मौसम को प्रभावित करेगा। वहीं पश्चिमी तट पर कोंकण और गोवा में 12 सितंबर तक व्यापक बारिश होने की पूरी संभावना है, जबकि गुजरात और मराठवाड़ा में बारिश का प्रभाव मध्यम रहेगा।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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