बंगाल की खाड़ी में चक्रवात का खतरा: 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, 10 राज्यों में हाई अलर्ट राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 6
बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र जल्द ही चक्रवाती तूफान में बदलने वाला है, जिससे देश के 10 राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

चक्रवात का बढ़ता संकट और IMD की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी में बन रहे एक नए मौसमी सिस्टम को लेकर देश के कई हिस्सों में सतर्क रहने की सलाह दी है। यह सिस्टम दक्षिण भारत के तटीय राज्यों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। विभाग के ताजा अनुमानों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित निम्न दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे अधिक शक्तिशाली हो रहा है। इसके प्रभाव से 25 अक्टूबर को यह गहरे अवदाब का रूप ले लेगा और 26 अक्टूबर की सुबह तक यह एक विध्वंसक चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की पूरी संभावना है।

किन राज्यों पर होगा सबसे ज्यादा असर

मौसम विभाग के अनुसार, इस चक्रवाती तूफान के चलते देश के 10 राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। इन राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। प्रभावित होने वाले राज्यों की सूची इस प्रकार है:

  • बिहार
  • झारखंड
  • उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • ओडिशा
  • तमिलनाडु
  • केरल
  • कर्नाटक
  • आंध्र प्रदेश

इन राज्यों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि आने वाले कुछ दिनों में भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

समुद्र में 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस चक्रवाती सिस्टम के कारण समुद्र की स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है। समुद्र में हवाओं की गति 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है, जो बीच-बीच में 90 किलोमीटर प्रति घंटे के रफ्तार वाले तूफानी झोंकों में तब्दील हो सकती है। इसके अलावा, समुद्र की लहरें बहुत ऊंची उठेंगी, जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले नागरिकों और विशेषकर मछुआरों को समुद्र के पास न जाने की चेतावनी दी गई है।

तूफान का संभावित रास्ता और लैंडफॉल

मौसमी सिस्टम के विकास पर नजर डालें तो यह सिस्टम 24 अक्टूबर की सुबह पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित था। इस चक्रवात का साइक्लोनिक सर्कुलेशन समुद्र तल से लगभग 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। अनुमान यह है कि यह चक्रवात 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट के पास दस्तक दे सकता है। हालांकि, लैंडफॉल की सटीक जगह और तीव्रता को लेकर अभी भी विभाग लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है क्योंकि इसकी गति में बदलाव की गुंजाइश बनी हुई है।

आंध्र प्रदेश और ओडिशा पर मंडरा रहा खतरा

इस चक्रवाती तूफान का सबसे गंभीर प्रभाव आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय जिलों में देखने को मिलेगा। 27 अक्टूबर से इन इलाकों में बारिश की गतिविधियों में काफी तेजी आने की संभावना है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 27 और 28 अक्टूबर को इन राज्यों के कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन से भी जरूरी एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है। समुद्र में जाने वाले लोगों को इन दिनों पूरी तरह सावधानी बरतने और स्थानीय मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन को नियमित रूप से चेक करते रहने का सुझाव दिया गया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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