अनंत चतुर्दशी पर 14 गांठ वाले धागे का उपाय, बदल सकता है आपका भाग्य धर्म 2 घंटे पहले 6
हरिद्वार के ज्योतिषाचार्य के अनुसार अनंत चतुर्दशी के दिन विशेष अनंत सूत्र धारण करने से दुर्भाग्य दूर होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

अनंत चतुर्दशी का विशेष महत्व

हरिद्वार में 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी का महापर्व अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। इस खास दिन पर भगवान विष्णु के अनंत स्वरूपों की आराधना करने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रीहरि के सहस्र नामों का स्मरण करने से व्यक्ति के समस्त पापों का नाश होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।

अनंत सूत्र का चमत्कारी प्रभाव

हरिद्वार के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित श्रीधर शास्त्री के मुताबिक, इस पर्व की सबसे बड़ी विशेषता अनंत सूत्र है। उनका कहना है कि विधि-विधान से इस सूत्र को धारण करने पर व्यक्ति का दुर्भाग्य सौभाग्य में बदल जाता है। यह धागा न केवल सुरक्षा कवच का काम करता है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है।

धारण करने की विधि और नियम

अनंत सूत्र तैयार करने और इसे धारण करने की प्रक्रिया बेहद सरल लेकिन प्रभावशाली है। ज्योतिषाचार्य पंडित श्रीधर शास्त्री ने इसे बनाने का तरीका विस्तार से साझा किया है:

  • कच्चे सूती धागे को सबसे पहले कुमकुम या हल्दी से रंगा जाता है।
  • इस रंगे हुए धागे में कुल 14 गांठें लगाई जाती हैं।
  • पुरुषों के लिए इस सूत्र को अपने दाहिने हाथ में बांधना शुभ माना गया है।
  • महिलाओं को यह अनंत सूत्र अपने बाएं हाथ में धारण करना चाहिए।

धार्मिक दृष्टि से 14 गांठों वाला यह विशेष धागा भगवान विष्णु के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए पूरे भक्ति भाव से इस सूत्र को हाथ में बांधकर पूजा करते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप