उपनाम: वैश्विक अर्थव्यवस्था
दुनिया की अर्थव्यवस्था की चाबी इन 5 देशों के पास, रेयर अर्थ और खनिजों से बदल रहे वैश्विक समीकरण
आज की आधुनिक और तकनीकी दुनिया का संचालन केवल कंपनियों के हाथ में नहीं है, बल्कि यह उन 5 देशों पर निर्भर है जिनके पास पृथ्वी के सबसे दुर्लभ और कीमती प्राकृतिक संसाधन मौजूद हैं।
भारत पहले से ही एक सुपरपावर, पनामा के विदेश मंत्री ने दिया बड़ा बयान
पनामा के विदेश मंत्री जेवियर मार्टिनेज-आचा वास्केज ने भारत की वैश्विक भूमिका की सराहना करते हुए इसे पहले से ही एक बड़ी महाशक्ति बताया है।
पेप्सिको की पूर्व CEO इंदिरा नूई के बयान पर विवाद: कहा- भारत में रहकर कभी नहीं बन पाती मुख्य कार्यकारी अधिकारी, चीन को बताया बेहतर
पेप्सिको की पूर्व प्रमुख इंदिरा नूई ने भारतीय कामकाजी संस्कृति और रहन-सहन की आलोचना करते हुए अमेरिकी व्यवस्था को योग्यता का सम्मान करने वाला बताया है।
ईरानी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को किया फोन, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर हुई अहम चर्चा
ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की, जिसमें पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से व्यापारिक जहाजों की निर्बाध आवाजाही पर विशेष जोर दिया गया।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य की जंग में न ईरान जीता, न अमेरिका; जानिए कैसे चीन ने बिना युद्ध किए बाजी मार ली
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े तनाव का वैश्विक स्तर पर भले ही शोर हो, लेकिन एक नई रिपोर्ट बताती है कि इस संकट का असली रणनीतिक लाभ चीन ने उठाया है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर
अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य टकराव के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे भाव 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गए हैं।
होर्मुज संकट का अब ऊर्जा आयात पर नहीं होगा असर, भारत ने खोजा वैकल्पिक रास्ता
भारत ने ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने कच्चे तेल और गैस आयात के स्रोतों का दायरा बढ़ा दिया है, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव का सीधा प्रभाव न पड़े।
ईरान-अमेरिका युद्ध: होर्मुज संकट ने खोल दी चीन के विकास मॉडल की पोल
ईरान और अमेरिका के बीच हुए 60 दिनों के युद्धविराम से ऊर्जा बाजार को भले ही राहत मिली हो, लेकिन इसने चीन की अर्थव्यवस्था की बड़ी कमजोरी उजागर कर दी है। होर्मुज स्ट्रेट पर अत्यधिक निर्भरता चीन के निर्यात-आधारित औद्योगिक मॉडल के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो रही...
एक्सप्लेनर: अमेरिका-ईरान शांति समझौते के दुनिया पर असर क्या? भारत के लिए यह क्यों है बड़ी राहत और हालात कब तक होंगे सामान्य?
लंबे तनाव के बाद अमेरिका और ईरान के बीच हुआ शांति समझौता वैश्विक अर्थव्यवस्था और कारोबार के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे बाजारों में स्थिरता लौटेगी और ऊर्जा आपूर्ति की चिंताएं घटेंगी।