उपनाम: धार्मिक पर्यटन
खाटू श्याम मंदिर में सुरक्षा का नया दौर, सीआईडी इंटेलीजेंस जोन यूनिट तैनात
सीकर के खाटू श्याम धाम में आने वाले भक्तों की सुरक्षा के लिए अब सीआईडी इंटेलीजेंस की एक विशेष यूनिट तैनात कर दी गई है।
भरतपुर का ऐतिहासिक गंगा मंदिर: राजस्थानी वास्तुकला और अटूट आस्था का अद्भुत केंद्र
राजस्थान के भरतपुर शहर के बीचों-बीच स्थित भव्य गंगा मंदिर अपनी अनूठी शिल्पकला और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है, जिसके जीर्णोद्धार से धार्मिक पर्यटन को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बागेश्वर का भद्रकाली मंदिर: द्वापर युग का सिद्ध शक्तिपीठ, जहां रक्षाबंधन पर उमड़ता है आस्था का सैलाब
उत्तराखंड के बागेश्वर स्थित भद्रकाली मंदिर अपनी पौराणिक मान्यताओं और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। द्वापर युग से जुड़े इस सिद्ध शक्तिपीठ में रक्षाबंधन के अवसर पर विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं।
राजस्थान के डीग में है आस्था और इतिहास का अद्भुत संगम, इन प्रसिद्ध मंदिरों में उमड़ती है भक्तों की भीड़
राजस्थान का डीग शहर अपनी सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक और भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
अयोध्या: राम की पैड़ी में फिर बहा सरयू का जल, तपती गर्मी में श्रद्धालुओं को मिली बड़ी राहत
अयोध्या की राम की पैड़ी में फिर से पानी का प्रवाह शुरू कर दिया गया है, जिससे चिलचिलाती गर्मी और उमस से जूझ रहे श्रद्धालुओं के चेहरे खिल उठे हैं।
अयोध्या में बनेगी भव्य सीता गैलरी, राम मंदिर से होगी मात्र इतनी दूरी पर
अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन के लिए आने वाले पर्यटकों के लिए जल्द ही माता सीता के जीवन पर आधारित एक विशेष गैलरी तैयार की जाएगी, जिसका मास्टर प्लान अयोध्या विकास प्राधिकरण ने तैयार कर लिया है।
पटना सिटी के प्रमुख मंदिर: आस्था का केंद्र और जाम से मुक्ति का आसान रास्ता
पटना सिटी के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों पर साल भर श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। अब जेपी गंगा पथ के निर्माण से इन मंदिरों तक पहुंचना पहले से कहीं अधिक सरल और सुगम हो गया है।
खाटूश्याम जाने वाले भक्तों को बड़ी सौगात, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नए स्टेशन के निर्माण को दी मंजूरी
सीकर दौरे पर पहुंचे केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खाटूश्यामजी के लिए नए रेलवे स्टेशन के निर्माण की घोषणा की है, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं को सीधी रेल सेवा मिल सकेगी।
सुल्तानपुर के सीताकुंड घाट का होगा कायाकल्प, करीब 4 करोड़ से आकार लेगा भव्य गोमती कॉरिडोर
रामायण काल से जुड़े सुल्तानपुर के सीताकुंड घाट को 3 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से भव्य गोमती कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए कई आधुनिक सुविधाएं जुटाई जाएंगी।
मोदी सरकार के 12 साल: आस्था, परंपरा और विकास का संगम बनकर उभरा नमो-मोहन का एमपी मॉडल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के 'विरासत से विकास' मंत्र को मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन के विस्तार से धरातल पर उतार रही है। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी से लेकर एकात्म धाम तक की पहलें इसी संकल्प की मिसाल हैं...
एक सिंहस्थ और तीन तीर्थ: श्रद्धालुओं को मिलेगा तिगुना लाभ, मध्यप्रदेश बनेगा ‘स्पिरिचुअल कॉरिडोर’
सिंहस्थ-2028 अब केवल उज्जैन तक सीमित न रहकर मालवा-निमाड़ के सात जिलों तक फैलेगा। 16,910 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले विकास कार्यों के साथ राज्य को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में तैयार किया जा रहा है।
हिमालय की गोद में प्रकृति ने उकेरा 'ॐ', शिव की इस दिव्य तपोस्थली के दर्शन से मिलती है परम शांति
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित ॐ पर्वत पर दूर से ही पहाड़ों के शिखर पर प्राकृतिक 'ॐ' का भव्य रूप दिखाई देता है। माना जाता है कि महादेव की इस तपोस्थली के दर्शन मात्र से मन को असीम शांति और सुकून मिलता है।
गया, राजगीर, नालंदा और पावापुरी का होगा कायाकल्प, विष्णुपद-महाबोधि कॉरिडोर पर सम्राट सरकार का बड़ा निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक में गया, राजगीर, नालंदा और पावापुरी के विकास कार्यों की समीक्षा कर परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने और बिहार को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने के निर्देश दिए गए।
मथुरा से अयोध्या के बीच जल्द दौड़ेगी वंदे भारत, कृष्ण की नगरी से रामनगरी तक का सफर होगा रफ्तार भरा
भारतीय रेलवे जल्द ही मथुरा और अयोध्या के बीच सीधी वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी में है। आगरा होकर गुजरने वाली यह ट्रेन दोनों धार्मिक केंद्रों के बीच सफर को तेज और आरामदायक बनाएगी।
12 वर्षों में मोदी ने बदली काशी की तस्वीर: रोपवे, अस्पताल, रिंग रोड और स्टेडियम से नई पहचान, धार्मिक पर्यटन को भी रफ्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में वाराणसी को 66000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की सौगात मिली, जिसने शहर के बुनियादी ढांचे और धार्मिक पर्यटन का चेहरा बदल दिया। रोपवे, रिंग रोड, इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और कई अस्पतालों ने काशी को नई पहचान दी है।