एक सिंहस्थ और तीन तीर्थ: श्रद्धालुओं को मिलेगा तिगुना लाभ, मध्यप्रदेश बनेगा ‘स्पिरिचुअल कॉरिडोर’ मध्य प्रदेश 2 घंटे पहले 2
सिंहस्थ-2028 अब केवल उज्जैन तक सीमित न रहकर मालवा-निमाड़ के सात जिलों तक फैलेगा। 16,910 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले विकास कार्यों के साथ राज्य को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में तैयार किया जा रहा है।

बाबा महाकाल की विश्व प्रसिद्ध नगरी उज्जैन में रोजाना लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। अवंतिका नगरी में हर 12 वर्ष में सिंहस्थ कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में वर्ष 2028 में एक बार फिर सिंहस्थ का आयोजन होने जा रहा है, जिसकी तैयारियों के तहत शहर में लगातार विकास कार्य आगे बढ़ रहे हैं।

उज्जैन तक सीमित नहीं रहेगा आयोजन

इस बार सिंहस्थ-2028 केवल उज्जैन का आयोजन न रहकर पूरे मालवा-निमाड़ के विकास का महाअभियान बनने जा रहा है। राज्य सरकार इसे धार्मिक आस्था, पर्यटन विस्तार और आधुनिक आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी बड़ी परियोजना के रूप में आकार दे रही है। इसी सोच के साथ उज्जैन के अलावा इंदौर, देवास, खंडवा, खरगोन, आगर-मालवा, शाजापुर और मंदसौर जिलों को भी तैयारियों में शामिल किया गया है।

क्षेत्रीय विकास का नया अध्याय

सड़क, परिवहन, पर्यटन सुविधाओं और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि सिंहस्थ-2028 क्षेत्रीय विकास का नया अध्याय लिख सके और यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय अनुभव मिल सके।

16,910 करोड़ रुपये की लागत से 148 कार्य

सरकार ने सिंहस्थ 2028 को लेकर उज्जैन समेत आसपास के सात जिलों में 16 हजार 910 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 148 विकास कार्यों पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। इसके साथ ही 491 करोड़ 66 लाख रुपये की लागत वाले 17 नए प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी मिल चुकी है।

सरकार का मानना है कि सिंहस्थ में करोड़ों श्रद्धालुओं की आमद को देखते हुए अकेले उज्जैन की व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं होंगी। यही वजह है कि इंदौर, देवास, खंडवा और खरगोन सहित अन्य जिलों में सड़क, पार्किंग, आवास और जनसुविधाओं का व्यापक विस्तार किया जा रहा है।

ओंकारेश्वर के लिए बड़ी सौगात

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सरकार ने ओंकारेश्वर के विकास को लेकर अहम फैसला लिया है। यहां 160 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से श्रद्धालु सुविधाओं का बड़ा विस्तार किया जाएगा। योजना के अंतर्गत मल्टीलेवल पार्किंग, आधुनिक अस्पताल, प्रशासनिक भवन, फूड कोर्ट और रेलवे ओवरब्रिज जैसी अहम परियोजनाएं विकसित की जाएंगी।

अलग प्राधिकरण और धार्मिक सर्किट

बड़वाह, ओंकारेश्वर और खेड़ीघाट क्षेत्र के समग्र विकास के लिए एक अलग प्राधिकरण का गठन किया जाएगा, ताकि खंडवा और खरगोन जिलों में चल रहे कार्यों में बेहतर तालमेल स्थापित हो सके। इसके साथ ही महेश्वर, मंडलेश्वर, नलखेड़ा और मंदसौर स्थित पशुपतिनाथ मंदिर को भी श्रद्धालु सुविधाओं के इस नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिल सके।

होटल क्षमता बढ़ाने के निर्देश

मध्यप्रदेश के धार्मिक और पर्यटन क्षेत्रों के विकास को अब नई रफ्तार मिलने जा रही है। सात जिलों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा के साथ 491.66 करोड़ रुपये की लागत वाले 17 नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में बढ़ते श्रद्धालुओं को देखते हुए होटल क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं ओंकारेश्वर-बड़वाह के लिए अलग प्राधिकरण बनाने तथा महेश्वर, मंडलेश्वर, नलखेड़ा और पशुपतिनाथ को जोड़कर समग्र धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने की तैयारी भी शुरू हो गई है।

चेतन शुक्ला
Official Verified Account

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!