पटना सिटी के प्रमुख मंदिर: आस्था का केंद्र और जाम से मुक्ति का आसान रास्ता बिहार 2 घंटे पहले 3
पटना सिटी के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों पर साल भर श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। अब जेपी गंगा पथ के निर्माण से इन मंदिरों तक पहुंचना पहले से कहीं अधिक सरल और सुगम हो गया है।

पटना के प्रमुख धार्मिक स्थल

पटना सिटी अपनी प्राचीन धार्मिक विरासत के लिए जानी जाती है। यहाँ कई ऐसे मंदिर और गुरुद्वारे हैं, जहाँ साल भर भक्तों का तांता लगा रहता है। पिछले कुछ वर्षों में यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

शक्तिपीठ बड़ी पटनदेवी और शीतला मंदिर

नगर रक्षिका के रूप में विख्यात बड़ी पटनदेवी मंदिर देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। मान्यता है कि यहाँ माता सती की दाहिनी जांघ गिरी थी। यहाँ मां महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित हैं। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष जनवरी से मई के बीच 3.84 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने यहाँ दर्शन किए हैं। इसके अलावा, शीतला माता मंदिर अपनी विशेष मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ रोग-व्याधियों से मुक्ति के लिए भक्त पहुंचते हैं।

अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र

  • जल्ला हनुमान मंदिर: यह शहर के प्रमुख हनुमान मंदिरों में से एक है। मंगलवार और शनिवार को यहाँ भक्तों की भारी भीड़ जुटती है।
  • तख्त श्री हरिमंदिर साहिब: सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्मस्थान होने के कारण यह दुनिया भर के श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत पवित्र स्थल है।
  • कमलदह जैन मंदिर: अपनी ऐतिहासिक और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध इस मंदिर में जनवरी से मई के दौरान 63,487 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं।

जाम से मिली राहत

पहले पटना सिटी के इन प्रमुख मंदिरों तक पहुंचने के लिए अशोक राजपथ, सुदर्शन पथ और बाईपास जैसे रास्तों पर निर्भर रहना पड़ता था, जहाँ अक्सर भारी जाम की समस्या बनी रहती थी। हालांकि, जेपी गंगा पथ के निर्माण के बाद अब श्रद्धालुओं का आवागमन बेहद सुगम हो गया है। अब पटना के अन्य इलाकों, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन से सीधे कनेक्टिविटी मिलने के कारण पर्यटकों और भक्तों का कीमती समय बचता है और वे बिना किसी परेशानी के दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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