उपनाम: सीतामढ़ी
सीतामढ़ी में सरकारी बुलडोजर का एक्शन, ₹4000000 की लागत से बना भवन जमींदोज
बिहार के सीतामढ़ी में रिंग रोड परियोजना के रास्ते में आ रहे एक बहुमंजिला भवन के हिस्से को प्रशासन ने बुलडोजर से ढहा दिया है। इस कार्रवाई में लगभग ₹4000000 की लागत से निर्मित ढांचे का एक हिस्सा तोड़ दिया गया।
सीतामढ़ी के लाल शशि रंजन सुमन बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट, जानें सफलता की पूरी कहानी
सीतामढ़ी के रहने वाले शशि रंजन सुमन ने महज 22 साल 8 महीने की उम्र में भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने छात्रों को TES और JEE के माध्यम से सेना में अधिकारी बनने के लिए महत्वपूर्ण टिप्स दिए हैं।
सीतामढ़ी के डॉ. राजीव ने पेश की मानवता की मिसाल, 61वीं बार रक्तदान कर बचाई कई जिंदगियां
बिहार के सीतामढ़ी में डॉ. राजीव कुमार काजू ने अब तक 61 बार रक्तदान कर समाज के सामने एक अनूठी प्रेरणा रखी है। उन्होंने लोगों से नियमित रक्तदान करने की अपील की है ताकि रक्त की कमी से किसी की जान न जाए।
सीतामढ़ी सीमा के पास नेपाल में हैं ये 5 चमत्कारी धार्मिक स्थल, श्रीराम के धनुष के आज भी मिलते हैं प्रमाण
सीतामढ़ी सीमा से सटे नेपाल के इलाकों में रामायण काल से जुड़े 5 प्रमुख धार्मिक स्थल स्थित हैं, जो अपनी पौराणिक मान्यताओं और अद्भुत वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध हैं।
सीतामढ़ी के युवा ने महज 3 साल में खड़ा किया 100 पशुओं का डेयरी साम्राज्य
बिहार के सीतामढ़ी में एक युवा उद्यमी ने आधुनिक तकनीकों के सहारे डेयरी व्यवसाय में बड़ी सफलता हासिल की है। मात्र तीन साल के भीतर उन्होंने 100 पशुओं के साथ एक समृद्ध डेयरी फार्म तैयार कर लिया है।
सीतामढ़ी में हथकड़ी पहनकर NEET परीक्षा देने पहुंचा कैदी, कोर्ट से मिली थी अनुमति
बिहार के सीतामढ़ी में एक कैदी कड़ी पुलिस सुरक्षा और हथकड़ी के साथ मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET देने परीक्षा केंद्र पहुंचा। कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने उसे परीक्षा में शामिल होने की इजाजत दी।
सीतामढ़ी के लाल सौरव चौधरी बने लेफ्टिनेंट, सेना की तीसरी पीढ़ी संभाल रही देश की सुरक्षा
सीतामढ़ी के सौरव चौधरी ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के तौर पर कमीशन प्राप्त कर अपने परिवार की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कॉर्पोरेट करियर छोड़कर देश सेवा का मार्ग चुना।
बांस की इन खास वैरायटी से होगी तगड़ी कमाई, फर्नीचर मार्केट में है भारी डिमांड
बिहार के सीतामढ़ी में किसान उमेश यादव ने पिंक, पीले और बेत वाले बांस की खेती से नई राह दिखाई है। कम लागत वाली इन बांस की किस्मों से बना फर्नीचर अपनी चमक और मजबूती के लिए काफी मशहूर हो रहा है।
बारिश कम हुई तो किसान क्या उगाएं? वैज्ञानिक ने सुझाईं 90 दिन में पकने वाली फसलें
कम बारिश की आशंका को देखते हुए कृषि वैज्ञानिक किसानों को लंबी अवधि वाली धान की जगह कम समय में तैयार होने वाली सोयाबीन और अरहर जैसी फसलें अपनाने की सलाह दे रहे हैं।
गाँव की मिट्टी से बॉलीवुड तक: सीतामढ़ी के निशांत सिंह ने अभिनय की दुनिया में बनाई अलग पहचान
सीतामढ़ी के एक छोटे से गाँव से निकले अभिनेता निशांत सिंह आज बॉलीवुड का उभरता चेहरा बन चुके हैं। अब वे 'दृश्यम 3' में सब-इंस्पेक्टर शिव और नेटफ्लिक्स सीरीज 'ये दिल सुन रहा है' में 'दो नम्बरी' के किरदार में नजर आएंगे।
सफलता की कहानी: बचपन के अनुशासन और छुट्टियों की मेहनत से सीतामढ़ी के शशिरंजन बने लेफ्टिनेंट, जेईई मेन्स में पाई थी 12वीं रैंक
सीतामढ़ी के शशिरंजन सुमन ने देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री अकादमी से प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट का पद हासिल किया है। जेईई मेन्स के जरिए टेक्निकल एंट्री स्कीम में उन्होंने पूरे देश में 12वीं रैंक पाई थी।
जब बिहार विधानसभा में पहली बार एक किसान ने रखी अपनी बात, बदल गई कृषि नीति; जन लोकपाल बिल कमेटी में मिली जगह
बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ सदस्यों के समक्ष एक किसान ने पूरे 24 मिनट तक अपना पक्ष रखा और राज्य की कृषि व्यवस्था की ऐसी तस्वीर पेश की जिसने नीति निर्माताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया।
हरी सब्जियों से ऊब गए हैं? बनाएं केले के फूल की लाजवाब सब्जी, रेसिपी है बेहद आसान
रोज़ की हरी सब्जियों से अलग कुछ नया और स्वादिष्ट खाना चाहते हैं तो केले के फूल की सब्जी एक बढ़िया विकल्प है। जानिए इसकी सफाई से लेकर तड़का लगाने तक की पूरी आसान विधि।
नेपाल सीमा पर बदला नियम, लागू हुई नई डिजिटल भंसार प्रणाली; अब मिनटों में निपटेगी कस्टम प्रक्रिया
नेपाल सरकार ने सीमा पर आधुनिक डिजिटल भंसार व्यवस्था शुरू की है, जिससे भारतीय और विदेशी पर्यटकों को अब लंबी कतारों और कागजी झंझट से नहीं गुजरना पड़ेगा। यात्री मोबाइल से स्कैनर स्कैन कर ऑनलाइन फॉर्म भरकर कुछ ही मिनटों में प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
डेढ़ घंटे में 6000 रसगुल्ले तैयार करती है यह मशीन, घटी मजदूरी की लागत
सीतामढ़ी के एक मिठाई कारखाने में लगी आधुनिक रसगुल्ला मेकिंग मशीन सिर्फ डेढ़ घंटे में 6000 रसगुल्ले बना देती है, जबकि यही काम कारीगरों को कम से कम 8 से 10 घंटे में पूरा करना पड़ता था।