बिहार
2 महीने पहले
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बिहार के सीतामढ़ी जिले से देश की सुरक्षा में तैनात रहने वाले वीर जवानों और उनके परिवारों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आई है। जिला प्रशासन और रक्षा मंत्रालय के संयुक्त प्रयासों से डुमरा स्थित SDO कार्यालय के समीप नवनिर्मित जिला सैनिक कल्याण कार्यालय का भव्य शुभारंभ किया गया है। रक्षा मंत्रालय और राज्य सरकार के अधीन संयुक्त रूप से काम करने वाली यह संस्था क्षेत्र के सेवारत सैनिकों, सेवानिवृत्त जवानों, युद्ध में वीरगति प्राप्त करने वाले सैनिकों की विधवाओं और उनके आश्रितों के लिए बहुत बड़ी मददगार साबित होगी। इस कार्यालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य सैन्य परिवारों से जुड़े पेंशन मामलों, चिकित्सा दावों और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का निष्पादन एक ही छत के नीचे तेजी से करना है।
सैन्य परिवारों को मिलेगी बड़ी राहत: एक ही छत के नीचे होगा समाधान
इस नए कार्यालय के खुल जाने से अब सीतामढ़ी और इसके पड़ोसी जिले के सैन्य परिवारों को अपने विभिन्न प्रकार के प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। अब तक पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को अपनी पेंशन संबंधी विसंगतियों को दूर करने, बच्चों की छात्रवृत्ति, चिकित्सा सहायता और केंद्र व राज्य सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर इस संस्था के सक्रिय हो जाने से इन सभी सेवाओं का लाभ बेहद सुगम और पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा।
कुशल प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मियों की तैनाती
इस नवनिर्मित कार्यालय को पूरी गरिमा और सुचारू ढंग से संचालित करने के लिए बेहद अनुभवी अधिकारियों और कुशल कर्मियों की नियुक्ति की गई है। कार्यालय की पूरी कमान प्रभारी अधिकारी के रूप में विंग कमांडर उमेंदर त्रिपाठी को सौंपी गई है। उनके साथ ही पूर्व सैनिकों की समस्याओं के बेहतर क्रियान्वयन और मदद के लिए अखिलेश कुमार को कल्याण व्यवस्थापक के पद पर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कार्यालय के दैनिक कामकाज को गति देने और फाइलों के त्वरित निपटारे के लिए अनिल कुमार और टुनटुन साह को कार्यालय कर्मी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया है। यह प्रशासनिक टीम स्थानीय सैन्य परिवारों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करेगी।
DM रिची पाण्डेय ने जताया देश के वीरों के प्रति सम्मान
इस ऐतिहासिक पहल पर सीतामढ़ी के जिला पदाधिकारी (DM) रिची पाण्डेय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अपना पूरा सहयोग देने का वादा किया है। DM रिची पाण्डेय ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों और उनके आश्रितों के प्रति पूरे समाज और प्रशासन का एक विशेष कर्तव्य और सम्मान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सैनिकों और उनके परिजनों की समस्याओं का निवारण हमेशा उनकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रहेगा। जिला प्रशासन के पूर्ण सहयोग से इस कार्यालय को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी सैन्य परिवार को अपने जायज काम के लिए परेशान न होना पड़े।
पटना और मुजफ्फरपुर की कष्टदायक यात्राओं से मिली मुक्ति
कार्यालय के विधिवत शुरू होने से स्थानीय सैनिकों और उनके परिवारों में बेहद खुशी और संतोष का माहौल देखा जा रहा है। इस संबंध में अपनी प्रसन्नता जाहिर करते हुए क्षेत्र के पूर्व सैनिक अनिल कुमार ने कहा कि यह सीतामढ़ी और शिवहर जिले के सभी सैनिकों के लिए एक गौरवपूर्ण पल है। उन्होंने बताया कि इससे पहले अपनी छोटी से छोटी समस्याओं और विभागीय कागजी कार्यों के लिए उन्हें मुजफ्फरपुर या फिर राज्य की राजधानी पटना के चक्कर लगाने पड़ते थे। इस लंबी और थका देने वाली यात्रा में न केवल समय की बर्बादी होती थी, बल्कि आर्थिक रूप से भी उन पर बोझ पड़ता था। विशेषकर वयोवृद्ध सैनिकों और युद्ध विधवाओं के लिए यह सफर अत्यंत कष्टदायक होता था। अब गृह जिले में ही यह सारी सुविधाएं मिल जाने से इन परेशानियों का पूरी तरह अंत हो गया है।
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