सीतामढ़ी रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण: काम कब तक होगा पूरा और क्या है ताजा स्थिति बिहार 2 महीने पहले 71
सीतामढ़ी में रेलवे गुमटी संख्या 56 ए पर बन रहे बहुप्रतीक्षित ओवरब्रिज का निर्माण कार्य अब आगे बढ़ रहा है। रेलवे क्षेत्र में गार्डर चढ़ाने की तैयारी पूरी कर ली गई है, जिससे स्थानीय निवासियों को जल्द ही जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

सीतामढ़ी ओवरब्रिज निर्माण: ताजा अपडेट

बिहार के सीतामढ़ी नगर स्थित रेलवे गुमटी संख्या 56 ए पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज यानी आरओबी के निर्माण में तेजी आई है। रेलवे क्षेत्र में गार्डर चढ़ाने की सभी आवश्यक तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। संबंधित विभाग के अनुसार रेलवे जल्द ही अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले पिलरों पर काम शुरू करने की योजना बना रहा है। इस काम को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए गुमटी के पास डायवर्सन तैयार करने और क्रॉसिंग से संबंधित अन्य कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है।

धनुषाकार गार्डर की खासियत

इस परियोजना के अंतर्गत रेलवे क्षेत्र में बनने वाले पुल का ढांचा धनुषाकार होगा। कनीय सुपरवाइजर गौरव कुमार के मुताबिक यह गार्डर **62** मीटर लंबा और **15** मीटर चौड़ा होगा। इसे तैयार करने और पूरी तरह से स्थापित करने में लगभग **एक महीने** का समय लगने का अनुमान है। इस गार्डर को लॉन्च करने के लिए बगल में ही एक ठोस बेस का निर्माण पहले ही किया जा चुका है।

अभियंताओं ने दी तकनीकी जानकारी

पुल निगम के अभियंता आरबी राय ने बताया कि मेहसौल रेलवे गुमटी के दोनों तरफ पिलर पूरी तरह बनकर तैयार हैं और इन्ही पिलरों पर धनुषाकार गार्डर को रखा जाएगा। हालांकि इसके लिए विभाग को तमाम कानूनी और कागजी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी, ताकि निर्माण कार्य के दौरान रेलवे के दैनिक परिचालन में किसी भी तरह का व्यवधान न आए। वहीं, पुल निगम के कार्यपालक अभियंता आलोक कुमार ने स्पष्ट किया कि सोनबरसा लेन का संचालन तभी शुरू हो पाएगा जब रेलवे क्षेत्र में निर्धारित काम पूरे कर लिए जाएंगे।

स्थानीय लोगों और यात्रियों की परेशानी

यह रेलवे ओवरब्रिज कई वर्षों से निर्माणाधीन है, जिसके कारण स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय व्यवसायी अकबर अली का कहना है कि निर्माण कार्य में हो रही लगातार देरी की वजह से शहर में हमेशा भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है। यह मार्ग सोनबरसा, भिट्ठामोड़, चोरौत, पुपरी, बाजपट्टी, मधुबनी, दरभंगा और यहां तक कि नेपाल से आने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है। जाम के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय खर्च करना पड़ता है।

निर्माण कार्य की वर्तमान चुनौतियां

ओवरब्रिज के निर्माण में अभी भी कई चुनौतियां बरकरार हैं। पुल निगम की एजेंसी द्वारा पहुंच पथ का काम तो किया जा रहा है और सोनबरसा लेन का फिनिशिंग कार्य अंतिम दौर में है, लेकिन रेलवे क्षेत्र में गार्डर माउंटिंग के लिए जरूरी तीन पिलरों का काम अभी भी रुका हुआ है। इसके अलावा रूट डायवर्जन के लिए बनाई जा रही वैकल्पिक गुमटी का कार्य भी अब तक पूरा नहीं हो सका है।

पुपरी लेन की स्थिति

अभियंता पंकज कुमार के अनुसार, ओवरब्रिज का एंगल पिलर पर चढ़ाने के लिए पर्याप्त जगह की आवश्यकता है, इसी वजह से वहां निर्माण कार्य बाधित है। पुपरी लेन की स्थिति पर नजर डालें तो वहां कुल **आठ** पिलर प्रस्तावित हैं, जिनमें से अभी तक केवल **तीन** पिलरों का निर्माण ही हो पाया है। साथ ही संबंधित सड़क और नाले का काम भी अभी अधूरा पड़ा है, जिससे काम की गति पर सवाल उठ रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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