सीतामढ़ी में सरकारी कर्मचारियों के लिए कड़े नियम, अब बायोमेट्रिक हाजिरी के बिना नहीं मिलेगा वेतन बिहार एक महीने पहले 56
बिहार के सीतामढ़ी जिले में जिलाधिकारी रिची पाण्डेय ने सरकारी कार्यालयों में अनुशासन लाने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य कर दिया है। अब वेतन का भुगतान भी इसी डिजिटल रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा।

सीतामढ़ी प्रशासन का बड़ा कदम

बिहार के सीतामढ़ी जिले में प्रशासनिक कामकाज और सरकारी कार्यालयों की कार्यशैली को सुधारने के उद्देश्य से जिलाधिकारी रिची पाण्डेय ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। जिले में अब सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की लेटलतीफी और काम के प्रति लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन ने बायोमेट्रिक उपस्थिति को शत प्रतिशत अनिवार्य कर दिया है। इस डिजिटल नियम के लागू होने के बाद अब सरकारी कर्मचारी निर्धारित समय पर दफ्तर आने और समय पर ही जाने के लिए बाध्य होंगे।

वेतन भुगतान के लिए डिजिटल हाजिरी अनिवार्य

जिलाधिकारी रिची पाण्डेय द्वारा दिए गए कड़े निर्देशों के अनुसार, अब सरकारी कर्मचारियों का मासिक वेतन सीधे तौर पर उनकी बायोमेट्रिक उपस्थिति से जुड़ गया है। डीएम ने सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हर महीने का वेतन विपत्र केवल बीबीएएस प्रणाली से प्राप्त हाजिरी रिपोर्ट के आधार पर ही तैयार किया जाए। यदि किसी कर्मचारी की डिजिटल हाजिरी प्रमाणित नहीं होती है, तो उसका वेतन जारी नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यदि कोई कर्मचारी कार्यालय में देर से आता है या समय से पहले चला जाता है, तो उस समय की अवधि का समायोजन उसके उपलब्ध अवकाश खाते से किया जाएगा। यदि कर्मचारी के पास आकस्मिक या अन्य कोई अवकाश शेष नहीं बचा है, तो बिहार सेवा नियमावली के प्रावधानों के तहत उस अवधि का वेतन काट लिया जाएगा।

कार्य समय और छह दिवसीय प्रणाली का विवरण

नए नियमों के तहत जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में छह दिवसीय कार्य प्रणाली प्रभावी रूप से लागू रहेगी। प्रशासन द्वारा समय सीमा को लेकर भी स्पष्ट गाइडलाइन जारी की गई है। सामान्य दिनों में कार्यालय का समय सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक निर्धारित है। हालांकि, सर्दियों के मौसम यानी नवंबर से फरवरी के महीनों के दौरान इसमें मामूली बदलाव किया गया है, जिसके तहत कार्यालय का समय सुबह 10:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक रहेगा। सभी कर्मचारियों के लिए दोपहर 1:30 बजे से 2:00 बजे तक का समय भोजनावकाश के लिए तय किया गया है।

पंचायत स्तर तक लागू होगी व्यवस्था

यह डिजिटल व्यवस्था केवल जिला मुख्यालय तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका विस्तार प्रखंड, अनुमंडल और पंचायत स्तर के सभी सरकारी दफ्तरों तक किया गया है। पंचायत स्तर पर कार्यरत सभी कर्मियों को अब अपने-अपने पंचायत सरकार भवनों में ही बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। डीएम ने आदेश दिया है कि जहां बायोमेट्रिक मशीनों की कमी है, वहां तुरंत नई मशीनें लगाई जाएं और जहां मशीनें खराब हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से ठीक कराया जाए ताकि उपस्थिति दर्ज करने में कोई बाधा न आए।

निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त

इस पूरी व्यवस्था की कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी (सदर) अमूल्य रत्न को नोडल पदाधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी होगी कि वे हर महीने के अंतिम सप्ताह में सभी विभागों से बायोमेट्रिक उपस्थिति रिपोर्ट एकत्रित करें और उसे जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करें। साथ ही, वे कोषागार पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल उन्हीं कर्मचारियों को वेतन का भुगतान हो, जिनकी हाजिरी नियमों के अनुसार सही पाई गई है। जिला प्रशासन के इस सख्त डिजिटल फार्मूले से सरकारी विभागों में हड़कंप की स्थिति है और उम्मीद की जा रही है कि इससे कार्य संस्कृति में बड़ा सकारात्मक बदलाव आएगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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