उपनाम: पलामू कृषि
नागपुर से मंगवाए टिश्यू कल्चर सागवान, 2 साल में ही 30 फीट ऊंचे हुए पेड़, ऐसे होगी लाखों की कमाई
झारखंड के पलामू जिले के एक प्रगतिशील किसान ने पारंपरिक खेती से हटकर टिश्यू कल्चर तकनीक से सागवान उगाकर सफलता की नई कहानी लिखी है। महज 2 साल में उनके पेड़ 30 फीट तक बढ़ गए हैं और आने वाले वर्षों में यह लाखों का मुनाफा देने की राह पर हैं।
मक्के की खेती से चमक सकती है किस्मत: पारंपरिक फसल के साथ आजमाएं स्वीट कॉर्न और बेबी कॉर्न, कृषि विशेषज्ञ से जानें बेहतर कमाई का फॉर्मूला
खरीफ सीजन में सामान्य मक्के के साथ स्वीट कॉर्न और बेबी कॉर्न की खेती कर किसान बंपर मुनाफा कमा सकते हैं। जानिए मिट्टी सुधारने के उपाय और बुवाई का सही समय।
धान की खेती: 'बूढ़े बिचड़े' से घट सकती है पैदावार, नुकसान से बचना है तो अपनाएं यह वैज्ञानिक स्टेगर विधि
पलामू में मानसून के आगमन के साथ ही धान की नर्सरी तैयार करने का काम शुरू हो गया है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम की मार और पैदावार में कमी से बचने के लिए चरणबद्ध यानी स्टेगर विधि अपनाने की सलाह दी है।
मानसून में लगाएं ये 100 पेड़, 20 साल में बन जाएंगे करोड़पति
झारखंड के पलामू जिले में किसान अब पारंपरिक फसलों के साथ महोगनी और सागवान की खेती पर जोर दे रहे हैं। सही देखभाल के साथ यह निवेश भविष्य में लाखों-करोड़ों का रिटर्न दे सकता है।
खरीफ की फसल का उत्पादन बढ़ाएगा खेत में चूने का प्रयोग, पलामू के कृषि वैज्ञानिक ने बताया सही तरीका
खरीफ सीजन से पहले अम्लीय मिट्टी के सुधार के लिए चूने का इस्तेमाल किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। पलामू के कृषि वैज्ञानिक के अनुसार सही मात्रा और सही समय पर चूना डालने से मिट्टी का पीएच संतुलित होकर उत्पादन बढ़ता है।
मक्के की बुआई से पहले करें बीज उपचार, बढ़ेगी पैदावार — सुनिए पलामू के कृषि वैज्ञानिक की राय
पलामू में खरीफ सीजन की मक्का बुआई शुरू हो गई है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. दिलीप पांडे ने कार्बेन्डाजिम, राइस वाटर और सीड ड्रम के जरिए बीज उपचार की सलाह दी है, जिससे रोग कम और उत्पादन अधिक होता है।