उपनाम: खरपतवार नियंत्रण
बुवाई के 72 घंटे के भीतर करें यह काम, खेतों में नहीं उगेंगे खरपतवार, कृषि वैज्ञानिक ने दी अहम सलाह
बुवाई के तुरंत बाद खेतों में प्री इमरजेंस दवाओं का इस्तेमाल करने से खरपतवार का अंकुरण रुक जाता है। कृषि वैज्ञानिक ने सोयाबीन, उड़द और मक्का की फसलों के लिए सही तरीका और दवा की जानकारी दी है।
धान की खेती का नया फॉर्मूला: मानसून में देरी भी नहीं बिगाड़ेगी खेल, लागत होगी कम और मुनाफा होगा डबल
धान की सीधी बुआई तकनीक अपनाकर किसान पारंपरिक खेती के मुकाबले प्रति एकड़ हजारों रुपये की बचत कर रहे हैं। मानसून की देरी से निपटने और कम लागत में बंपर पैदावार पाने का यह एक बेहद प्रभावी तरीका साबित हो रहा है।
धान की फसल में खरपतवार से हैं परेशान, तो अपनाएं यह वैज्ञानिक तरीका
धान की सीधी बुवाई करने वाले किसानों के लिए खरपतवार पर नियंत्रण पाने का सही समय और सटीक उपाय जान लीजिए। वैज्ञानिकों के मुताबिक, महज 100 ग्राम दवा का सही समय पर छिड़काव करके आप फसल को खरपतवार मुक्त बना सकते हैं।
मानसून की पहली बारिश के बाद कपास के खेतों में खरपतवार की समस्या, एक्सपर्ट से जानिए बचाव और निराकरण के तरीके
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में कपास की फसल में खरपतवार तेजी से पनप रही है। कृषि वैज्ञानिकों ने फसल को सुरक्षित रखने के लिए पारंपरिक निराई-गुड़ाई और सही कीटनाशकों के उपयोग की सलाह दी है।
धान की बुवाई के 10 दिन बाद 1 एकड़ खेत में डालें 100 ग्राम यह दवा, खरपतवार का नामो-निशान मिट जाएगा
धान की सीधी बुवाई करने वाले किसानों के लिए खरपतवार प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है, लेकिन सही समय पर सही दवा का उपयोग करके फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है।
धान की नर्सरी में खरपतवार से हैं परेशान? गोंडा के किसान से जानिए इसे रोकने का अचूक तरीका
धान की नर्सरी में खरपतवार पौधों के पोषण में रुकावट बनते हैं। गोंडा के किसान हरिओम मिश्रा ने नर्सरी को सुरक्षित रखने और स्वस्थ पौध तैयार करने के आसान टिप्स साझा किए हैं।
धान की रोपाई से पहले खेत की मेड़ों की सफाई क्यों है जरूरी? जानिए एक्सपर्ट सलाह
धान की रोपाई से पहले मेड़ों की सफाई न करना आपकी पूरी फसल को बर्बाद कर सकता है। जानिए कैसे खरपतवार और कीटों का सफाया करके आप अपनी पैदावार सुरक्षित रख सकते हैं।
बारिश में मक्के की फसल कैसे बचाएं? कृषि विशेषज्ञ ने सुझाया कारगर उपाय
मानसून के दौरान जलभराव से मक्के की फसल को बचाने के लिए कृषि विशेषज्ञों ने मेढ़ विधि अपनाने की सलाह दी है, जिससे अतिरिक्त पानी आसानी से निकल जाता है और जड़ों में सड़न का खतरा घटता है।
जून में खरपतवार और कीटों का हमला: गन्ने की पत्तियां काली, खेत की नमी खत्म, जानें बचाव
जून का महीना गन्ने की फसल के लिए नाजुक दौर होता है, जब बढ़ता तापमान और मानसून की दस्तक के बीच खरपतवार तथा कई तरह के कीट फसल को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। विशेषज्ञ के अनुसार इस समय फसल की खास देखभाल जरूरी है।
यूरिया का खर्च आधा! धान के खेत में फैला दें अजोला की हरी चादर, बढ़ेगी पैदावार और घटेगा खरपतवार
धान के खेत में अजोला नाम का जलीय पौधा बिछाने से फसल को प्राकृतिक नाइट्रोजन मिलती है, जिससे यूरिया का खर्च आधा हो जाता है। यह पानी की सतह पर हरी चादर की तरह फैलकर खरपतवार रोकता है और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है।
धान की नर्सरी में अपनाएं ये खास तरीका, मजबूत पौध और बंपर पैदावार के साथ शानदार होगा बीजों का अंकुरण
खरीफ सीजन में धान की स्वस्थ नर्सरी तैयार करने के लिए कृषि विशेषज्ञ की सलाह — सही खाद, संतुलित नमी और समय पर खरपतवार नियंत्रण से बीजों का जमाव बेहतर होता है और पौधे मजबूत बनते हैं।
बस एक बार छिड़काव और महीनों तक नहीं उगेगी खरपतवार, जानें फसल बचाने वाली कारगर तकनीक
बारिश के मौसम में तेजी से फैलने वाली खरपतवार किसानों की फसल के लिए बड़ी मुसीबत बन जाती है। फरीदाबाद के किसान सुरजीत सिंह के अनुसार सही दवाओं का इस्तेमाल इस समस्या से लंबे समय तक राहत दिला सकता है।
मेढ़ विधि से तेज आंधी-बारिश में भी सुरक्षित रहेगी मक्के की फसल, कृषि विशेषज्ञ ने बताया कारगर तरीका
मानसून से पहले खेत की सही तैयारी, मेढ़ विधि और उन्नत किस्मों के चयन से किसान भारी बारिश और तेज आंधी में भी मक्के की फसल को गिरने और सड़ने से बचा सकते हैं। देवघर के कृषि विशेषज्ञ ने इसके पूरे तरीके की जानकारी दी है।
धान की रोपाई से पहले करें यह जरूरी काम, खरपतवार की समस्या होगी 80% तक कम
बारिश का मौसम आते ही किसान धान की रोपाई की तैयारी में लग जाते हैं। रोपाई से 20-25 दिन पहले हल्की सिंचाई और कीचड़ वाली जुताई करने से खरपतवार की समस्या लगभग 80 प्रतिशत तक घटाई जा सकती है।
बारिश के बाद बुवाई की तैयारी में जुटे किसान ध्यान दें, ये गलती पड़ सकती है भारी
राजस्थान में हालिया बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल माहौल बना है। कृषि विशेषज्ञों ने प्रमाणित बीज, बीज उपचार, संतुलित उर्वरक और नियमित निगरानी अपनाकर बेहतर उत्पादन और मुनाफा हासिल करने की सलाह दी है।