उपनाम: जैव विविधता
अरुणाचल प्रदेश की सियांग घाटी में मिली मधुमक्खियों की दो दुर्लभ प्रजातियां, खेती के लिए हैं वरदान
अरुणाचल प्रदेश की सियांग घाटी में वैज्ञानिकों ने मधुमक्खी की दो नई दुर्लभ प्रजातियों की खोज की है, जो फसलों के परागण और पैदावार बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
सफेद बाघ 'मोहन' की जन्मस्थली संजय टाइगर रिजर्व क्यों झेल रहा है गुमनामी? जानिए इस समृद्ध वन क्षेत्र की कहानी
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में स्थित संजय टाइगर रिजर्व दुनिया के पहले सफेद बाघ 'मोहन' का गृहक्षेत्र होने के बावजूद आज भी देश के अन्य बड़े अभ्यारण्यों की तुलना में अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा है।
बीकानेर के रेगिस्तान में मिला जीवों का खजाना, 12 तरह की छिपकली और 15 प्रजाति के सांपों की हुई पहचान
राजस्थान का बीकानेर जिला अपनी समृद्ध जैव विविधता के कारण वैज्ञानिकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है, जहाँ हालिया शोध में सरीसृप जीवों की नई प्रजातियों की पुष्टि हुई है।
भरतपुर के केवलादेव नेशनल पार्क में टर्टल सर्वे: पहली बार मिलीं कछुओं की 7 दुर्लभ प्रजातियां
राजस्थान के विश्व प्रसिद्ध केवलादेव नेशनल पार्क में आयोजित पहले टर्टल सर्वे के दौरान कछुओं की सात अलग-अलग प्रजातियों की पहचान की गई है, जो क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता को दर्शाता है।
हरगिला पक्षी: कौन है यह दुर्लभ जीव? जिसे पीएम मोदी ने 'मन की बात' में बताया गांव का गौरव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 135वें एपिसोड में असम के दुर्लभ हरगिला पक्षी और उसके संरक्षण के लिए चल रहे जनआंदोलन की प्रेरक कहानी साझा की है। जीव-वैज्ञानिक पूर्णिमा देवी बर्मन के प्रयासों से इस पक्षी के प्रति लोगों की सोच में आया बड़ा बदलाव...
90 साल से वैज्ञानिकों के लिए रहस्य बनी छिपकली बीकानेर की चाय की दुकान पर मिली
राजस्थान के बीकानेर में वैज्ञानिकों ने छिपकली की एक नई प्रजाति खोजी है, जिसे मेसालिना बिश्नोई नाम दिया गया है। यह प्रजाति पिछले 90 साल से केवल किताबों का हिस्सा बनी हुई थी।
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान पर मंडराता अनदेखा संकट, अफ्रीकन कैटफिश से बिगड़ रहा प्राकृतिक संतुलन
पक्षियों के स्वर्ग केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में अफ्रीकन कैटफिश यानी मांगुर मछली का फैलाव जलीय जीवन और प्रवासी पक्षियों के भोजन को नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे वन विभाग की चिंताएं गहरा गई हैं।
मुजफ्फरपुर के किसान की अनोखी पहल, 430 किस्म के औषधीय पौधे उगाकर कर रहे लाखों की कमाई
मुजफ्फरपुर के सरैया प्रखंड के गोविंदपुर गांव के श्रीकांत कुशवाहा ने अपनी 32 कट्ठा जमीन पर 430 से अधिक प्रकार के औषधीय पौधे लगाकर खेती में अलग पहचान बनाई है। नर्सरी के रूप में पौधों की बिक्री से उन्हें सालाना एक लाख रुपये से अधिक की आय होती है।
भरतपुर में गौरैया को बचाने की प्रेरक पहल, घर-घर बने नन्हे घोंसले और लौट आईं चहचहाती चिड़ियां
भरतपुर में लोग गौरैया के संरक्षण के लिए अपने घरों, छतों और आंगनों में बर्ड हाउस लगा रहे हैं, जिससे इन नन्ही चिड़ियों को सुरक्षित ठिकाना मिल रहा है और पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।
जुड़ गांव में अनूठी पहल: 363 शहीदों की याद में खेजड़ी उद्यान, सीड बॉल्स से उगेगी हरियाली
जोधपुर के जुड़ गांव में पर्यावरण प्रेमी भजनलाल विश्नोई ने 363 शहीदों की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए खेजड़ी की सीड बॉल्स तैयार कर गवाई नाड़ी के पास सार्वजनिक भूमि पर रोपी हैं। इस प्राकृतिक तकनीक से कम संसाधनों में अधिक पौधे तैयार कर मरुस्थल में हरियाल...
गाजियाबाद के 47 गांवों में लहलहाएंगे छोटे जंगल, औषधीय और फलदार पौधों से सुधरेगा पर्यावरण
गाजियाबाद की चयनित ग्राम पंचायतों में आधा से दो हेक्टेयर तक भूमि पर ग्राम वन विकसित किए जाएंगे। जुलाई से शुरू होने वाले इस अभियान में नीम, पीपल, बरगद और आम जैसे औषधीय व फलदार पौधे लगाए जाएंगे।
जब पलामू कहलाता था 'बाघ देश', पक्षियों के शिकार का तार जुड़ा था पेरिस से
आज पर्यटकों को लुभाने वाला पलामू टाइगर रिजर्व कभी 'बाघ देश' के नाम से मशहूर था, जहां किंगफिशर जैसे पक्षियों के रंगीन पंख निकालकर फ्रांस की राजधानी पेरिस तक भेजे जाते थे।
मानसून के अग्रदूतों की वापसी, केवलादेव के मलाह वेटलैंड में ओपन बिल स्टॉर्क के घोंसले बनते ही बढ़ी अच्छी बारिश की आस
भरतपुर के केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के मलाह वेटलैंड में मानसून के दूत माने जाने वाले ओपन बिल स्टॉर्क लौट आए हैं और 100 से अधिक पक्षियों ने घोंसले बनाना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञ इसे मानसून के नजदीक आने का संकेत मान रहे हैं।
जवाई में अब भालुओं का अनोखा नजारा! मां की पीठ पर सवार शावकों ने मोहा पर्यटकों का मन
राजस्थान के जवाई क्षेत्र में एक मादा भालू अपने नन्हे शावकों के साथ नजर आई, जहां शावक उसकी पीठ पर बैठकर जंगल में घूमते दिखे। यह दुर्लभ दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।