गाजियाबाद के 47 गांवों में लहलहाएंगे छोटे जंगल, औषधीय और फलदार पौधों से सुधरेगा पर्यावरण उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 2
गाजियाबाद की चयनित ग्राम पंचायतों में आधा से दो हेक्टेयर तक भूमि पर ग्राम वन विकसित किए जाएंगे। जुलाई से शुरू होने वाले इस अभियान में नीम, पीपल, बरगद और आम जैसे औषधीय व फलदार पौधे लगाए जाएंगे।

गाजियाबाद जिले की ग्रामीण तस्वीर जल्द ही हरियाली से भर जाएगी। जिला पंचायत राज विभाग ने हरित क्षेत्र बढ़ाने की इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए जमीन की पहचान पूरी कर ली है। चयनित ग्राम पंचायतों में आधा हेक्टेयर से लेकर दो हेक्टेयर तक भूमि उपलब्ध कराई गई है, जहां ग्राम वन तैयार किए जाएंगे।

जुलाई से शुरू होगा वृक्षारोपण अभियान

योजना के तहत जुलाई महीने से वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत होगी। विभाग के अनुसार अभियान आरंभ होने के एक महीने के भीतर पौधारोपण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इन ग्राम वनों को इस तरह विकसित किया जाएगा कि वे आने वाले वर्षों में छोटे जंगल का रूप ले सकें।

500 से 2000 तक लगाए जाएंगे पौधे

प्रत्येक ग्राम वन में 500 से लेकर 2000 तक विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। इनमें नीम, पीपल, बरगद, अर्जुन, आम, जामुन और तुलसी जैसे औषधीय, छायादार और फलदार पौधे शामिल किए जाएंगे।

पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता पर जोर

इन पौधों का चयन सोच-समझकर किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण करना, जैव विविधता को बढ़ावा देना और ग्रामीणों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाना है। माना जा रहा है कि इन ग्राम वनों के विकसित होने से क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण पर भी अंकुश लगेगा।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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