उपनाम: जमशेदपुर
जमशेदपुर के पास सुकून भरी जगह: पाना सिली में प्रकृति का अनूठा संगम
अगर आप शहर की भागदौड़ से दूर वीकेंड बिताना चाहते हैं, तो जमशेदपुर के करीब पोटका का पाना सिली एक बेहतरीन विकल्प है। अपनी हरियाली और शांति के लिए यह जगह पर्यटकों की पसंद बनती जा रही है।
जमशेदपुर में अपना व्यापार चमकाना है तो बर्मामाइंस पर लगाएं दांव
जमशेदपुर के बर्मामाइंस इलाके में व्यावसायिक स्पेस और गोडाउन की मांग में भारी उछाल आया है। बेहतर लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी के कारण यह जगह अब कारोबारियों की पहली पसंद बनती जा रही है।
जमशेदपुर की रेशमा का कमाल: कस्टमाइज्ड डेनिम कपड़ों से बदल रही हैं फैशन का अंदाज
जमशेदपुर की उद्यमी रेशमा बिहानी अपने स्टार्टअप 'Malberryy Closet' के जरिए महिलाओं को उनकी पसंद के कस्टमाइज्ड डेनिम परिधान उपलब्ध करा रही हैं। यह ब्रांड प्रीमियम क्वालिटी और किफायती दाम के लिए बाजार में तेजी से अपनी जगह बना रहा है।
बीपीएससी में जमशेदपुर के अंकित शर्मा का जलवा, दूसरी कोशिश में बने एसडीएम
जमशेदपुर के रहने वाले अंकित शर्मा ने बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 218वीं रैंक हासिल कर एसडीएम का पद प्राप्त किया है। इंजीनियरिंग और नौकरी छोड़कर सिविल सेवा की राह चुनने वाले अंकित ने यह सफलता सेल्फ स्टडी के दम पर हासिल की है।
16 साल का साथ खत्म, टाटा जू की दुलारी शेरनी जोया नहीं रही, साथी की जुदाई में खाना छोड़ बैठा शेर
जमशेदपुर के टाटा जू में 16 वर्षों तक सैलानियों की पसंदीदा रही अफ्रीकी शेरनी जोया की इलाज के दौरान मौत हो गई। अपने साथी की जुदाई से शेर एड बेहद उदास है और बाड़े में लगातार उसे खोजते हुए दहाड़ रहा है।
कंप्यूटर शिक्षिका से कलाकार तक: पुनीता ने सोहराय कला से गढ़ी झारखंड की नई पहचान
जमशेदपुर की पुनीता कुमारी ने कंप्यूटर शिक्षा से करियर शुरू किया और आज सोहराय चित्रकला के जरिए झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिला रही हैं।
जमशेदपुर में पढ़ने आ रहीं बेटियों के लिए सुरक्षित ठिकाना, कम किराये में मिलेंगी सारी सुविधाएं
उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी या नौकरी के लिए जमशेदपुर आने वाली छात्राओं के लिए शास्त्री नगर इलाका सुरक्षा, सुविधा और बजट का बेहतरीन संतुलन देता है, जहां पीजी की शुरुआत करीब 6000 रुपये प्रतिमाह से होती है।
जमशेदपुर में फैशन डिजाइनिंग का सपना होगा साकार, इन संस्थानों से करियर को मिलेगी नई दिशा
जमशेदपुर के Glam Institute of Fashion Designing और PAHAL JAMSHEDPUR जैसे संस्थान प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के साथ NIFT और NID की तैयारी करा रहे हैं, जिससे युवा फैशन की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
जमशेदपुर के दोमुहानी संगम तट पर पंच धूनी तपस्या, अग्नि की लपटों के बीच साधना में लीन संत
जमशेदपुर के सोनारी स्थित दोमुहानी संगम तट पर इन दिनों अखंड पंच धूनी तपस्या चल रही है, जिसमें भीषण गर्मी और चारों ओर जलती अग्नि के बीच संत साधनारत हैं। इस दुर्लभ तप को देखने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
जमशेदपुर की खुशबू का अनोखा हुनर: कूड़े से ऐसी सजावट कि देखने वाले रह जाते हैं दंग
जमशेदपुर की खुशबू सिंह प्लास्टिक वेस्ट से सजावटी सामान और नारियल के छिलकों से पक्षियों के घोंसले बनाकर पर्यावरण संरक्षण की मिसाल पेश कर रही हैं। अब तक वे 150 से अधिक घोंसले तैयार कर चुकी हैं।
गरीब बच्चों की फीस का बोझ उठा रहे शीतल, हर माह दस विद्यार्थियों की पढ़ाई का जिम्मा
जमशेदपुर के बिष्टुपुर में मोबाइल शोरूम संचालक शीतल आगीवाल ने 'डीजी टॉक शिक्षा योजना' शुरू की है, जिसके तहत हर महीने करीब दस जरूरतमंद बच्चों की एक महीने की स्कूल फीस भरी जाती है।
जापान का ढाई लाख रुपये किलो वाला मियाजाकी आम अब जमशेदपुर में, 500 रुपये प्रति पीस में चखें स्वाद
जमशेदपुर के अमृत इक्का ने शौकिया तौर पर जापान के मशहूर मियाजाकी आम की खेती की और इस वर्ष उनके पेड़ों में 100 से अधिक फल लगे हैं। फिलहाल वे लोगों को स्वाद चखाने के लिए यह आम करीब 500 रुपये प्रति पीस की दर से उपलब्ध करा रहे हैं।
जमशेदपुर के पार्वती घाट पर बना 'देवात्मा उद्यान', अब नन्हें बच्चों को मिलेगी सम्मानजनक अंतिम विदाई
जमशेदपुर के पार्वती घाट परिसर में नवजात से लेकर करीब पांच वर्ष तक के बच्चों के अंतिम संस्कार के लिए विशेष रूप से देवात्मा उद्यान विकसित किया गया है। फूलों और हरियाली से सजे इस स्थल को इस तरह तैयार किया गया है कि यह श्मशान घाट नहीं, बल्कि एक शांत बगीचे जैस...
मां पहाड़ी की पूजा से दूर होती हैं चिकन पॉक्स जैसी बीमारियां, जानें झारखंड के इस 5 दिवसीय अनोखे पर्व की मान्यता
झारखंड में मां पहाड़ी की पारंपरिक पूजा पांच दिनों तक चलती है, जिन्हें प्रकृति और गांव की रक्षक देवी माना जाता है। मान्यता है कि इस पूजा से सुख-समृद्धि आती है और चिकन पॉक्स जैसी बीमारियां दूर होती हैं।
100-50 नहीं, 500 बार डूबते लोगों के लिए मसीहा बने मजहरूल बारी, अब सिखा रहे पानी में बचाव के गुर
जमशेदपुर के स्कूबा डाइवर और टाटा स्टील सिक्योरिटी सर्विसेज में सब इंस्पेक्टर मजहरूल बारी अब तक 500 से ज्यादा लोगों की जान बचा चुके हैं और लोगों को जल सुरक्षा व रेस्क्यू की ट्रेनिंग भी देते हैं। उनका कहना है कि सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।